नई दिल्ली | बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक चीनी कंपनी द्वारा दायर याचिका पर संज्ञान लेते हुए अभिनेता को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सलमान खान को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह मामला अभिनेता के ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ (व्यक्तित्व अधिकारों) से जुड़ा है, जिसके तहत पहले कोर्ट ने उनके नाम, आवाज और छवि के बिना अनुमति व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाई थी। अब चीनी कंपनी ने दावा किया है कि इस आदेश से उनके व्यापारिक हितों को नुकसान पहुंच रहा है।
इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने सलमान खान के पक्ष में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए उनकी पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल पर व्यापक निषेधाज्ञा लागू की थी। हालांकि, चीन की इस कंपनी ने अब अदालत का दरवाजा खटखटाकर इस सुरक्षा कवच को चुनौती दी है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल एक व्यावसायिक मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय संदर्भ भी छिपे हो सकते हैं। हाल के वर्षों में अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर जैसे सितारों ने भी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए इसी तरह के कानूनी कदम उठाए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि यह कानूनी कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब भारत-चीन तनाव पर आधारित फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ को लेकर चीन सरकार पहले से ही असहज है। सलमान खान की पर्सनैलिटी राइट्स को लेकर चीनी कंपनी की इस सक्रियता ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 फरवरी की तारीख तय की है। अब पूरी इंडस्ट्री और कानूनी जानकारों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सलमान खान अपने इन विशेष अधिकारों को बरकरार रख पाएंगे या चीनी कंपनी की दलीलें कोर्ट में भारी पड़ेंगी।

