अहमदाबाद विमान हादसे में अमेरिकी एजेंसी का चौंकाने वाला खुलासा; क्रैश हुए बोइंग 787 में 11 साल से थीं गंभीर तकनीकी खामियां

अहमदाबाद | 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया के विमान हादसे को लेकर एक अमेरिकी एविएशन सेफ्टी ग्रुप (FAS) ने सनसनीखेज रिपोर्ट पेश की है। फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी ने अमेरिकी सीनेट को सौंपी अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि जो बोइंग 787 विमान क्रैश हुआ था, उसमें सेवा के पहले दिन से ही गंभीर तकनीकी कमियां थीं। रिपोर्ट के अनुसार, विमान के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में बार-बार खराबी, सर्किट ब्रेकर का ट्रिप होना और सॉफ्टवेयर ग्लिच जैसी समस्याओं को नजरअंदाज किया गया। यहाँ तक कि जनवरी 2022 में भी इस विमान के पावर पैनल में भीषण आग लगी थी, जिसे पूरी तरह से बदला गया था।

एफएएस (FAS) के प्रमुख एड पियर्सन ने भारत की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट (AAIB) पर सवाल उठाते हुए कहा है कि केवल पायलट की गलती बताना पर्याप्त नहीं है। व्हिसलब्लोअर दस्तावेजों के आधार पर संगठन ने दावा किया कि टेकऑफ के तुरंत बाद विमान के दोनों इंजनों का ‘कटऑफ’ मोड पर जाना किसी गहरी तकनीकी खराबी का संकेत है। आधुनिक बोइंग विमान पूरी तरह से डिजिटल और इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर निर्भर होते हैं; ऐसे में बिजली आपूर्ति फेल होने से एक साथ कई महत्वपूर्ण सिस्टम बंद हो गए होंगे। जांच में यह भी सामने आया है कि इस विमान में वायरिंग डैमेज और शॉर्ट सर्किट की शिकायतें 2014 से ही लगातार दर्ज की जा रही थीं।

यह समस्या केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में उड़ रहे बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है। अमेरिकी एजेंसी ने खुलासा किया है कि अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी इस फ्लीट के विमानों में लगभग 2,000 तकनीकी फेलियर की शिकायतें मिली हैं। अहमदाबाद हादसे में 260 लोगों की जान जाने के बाद अब वैश्विक स्तर पर इन विमानों की सुरक्षा ऑडिट की मांग तेज हो गई है। इधर, इस हादसे और हवाई मार्ग बंद होने के कारण एअर इंडिया को चालू वित्त वर्ष में भारी वित्तीय घाटा होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

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