हुंडई मोटर में मशीनों और इंसानों के बीच छिड़ी जंग; 40 हजार कर्मचारियों वाली यूनियन ने ‘एटलस’ रोबोट की तैनाती का किया कड़ा विरोध

सियोल (दक्षिण कोरिया) | दक्षिण कोरिया की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी हुंडई मोटर में तकनीक और रोजगार के बीच बड़ा संघर्ष शुरू हो गया है। कंपनी की 40,000 सदस्यों वाली शक्तिशाली लेबर यूनियन ने उत्पादन लाइनों में ‘एटलस’ जैसे अत्याधुनिक ह्यूमनॉइड रोबोट की तैनाती का पुरजोर विरोध किया है। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना लिखित समझौते और आपसी सहमति के किसी भी रोबोटिक कर्मचारी को फैक्टरी में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मजदूरों का मानना है कि एआई-आधारित मशीनों का उपयोग उनकी नौकरियों को खत्म करने और लेबर कॉस्ट कम करने की एक साजिश है।

यूनियन की चिंता केवल रोबोट तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्पादन के वैश्विक स्थानांतरण को लेकर भी है। आरोप है कि हुंडई अपने घरेलू संयंत्रों के काम को धीरे-धीरे अमेरिका के जॉर्जिया स्थित ‘मेटाप्लांट’ में शिफ्ट कर रही है। कंपनी की योजना 2028 तक अमेरिका में एक विशेष रोबोट फैक्टरी बनाने की है, जहाँ सालाना 30,000 एटलस रोबोट तैयार किए जाएंगे। दक्षिण कोरियाई मजदूरों को डर है कि इस कदम से घरेलू स्तर पर काम की भारी कमी हो जाएगी और दशकों से सेवा दे रहे वफादार कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।

एक ओर जहाँ हुंडई और किआ ने ब्रिटेन के ‘व्हाट कार? अवॉर्ड्स 2026’ में सात बड़े सम्मान जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी ब्रांड वैल्यू मजबूत की है, वहीं घरेलू स्तर पर प्रबंधन और यूनियन के बीच संवाद की भारी कमी दिख रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही तकनीक और श्रमिक हितों के बीच कोई बीच का रास्ता नहीं निकाला गया, तो बड़े आंदोलन के कारण कंपनी की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पर बुरा असर पड़ सकता है। फिलहाल, यूनियन ने तकनीकी प्रगति के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई है।

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