भोपाल: माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्य प्रदेश ने हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पहली बार सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। यह व्यवस्था पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जा रही है, जिसका उद्देश्य नकल, पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर रोक लगाना है। राज्यभर में कुल 3856 परीक्षा केंद्रों में से 226 संवेदनशील केंद्रों को सीसीटीवी निगरानी के लिए चयनित किया गया है।
इन केंद्रों की लाइव फीड सीधे भोपाल स्थित बोर्ड मुख्यालय में देखी जाएगी। इसके साथ ही जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी भी अपने क्षेत्र के केंद्रों की निगरानी कर सकेंगे। बोर्ड द्वारा गठित उड़नदस्ते अभी भी औचक निरीक्षण करते रहेंगे, लेकिन वे किसी केंद्र पर सीमित समय तक ही रुक सकते हैं। सीसीटीवी के जरिए पूरे परीक्षा समय लगातार निगरानी संभव होगी, जिससे व्यवस्था और मजबूत होगी। एमपी बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी के दूसरे सप्ताह से शुरू होंगी। कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 7 फरवरी से 5 मार्च तक और कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 11 फरवरी से 2 मार्च तक आयोजित की जाएंगी।
बोर्ड के जनसंपर्क अधिकारी भूपेश गुप्ता ने बताया कि निगरानी की जानकारी मात्र से ही नकल जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगने की संभावना रहती है। सीसीटीवी व्यवस्था से फर्जी शिकायतों और अफवाहों में भी कमी आएगी। इस वर्ष के अनुभव के आधार पर अगले साल और अधिक केंद्रों को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
भूपेश गुप्ता, जनसंपर्क अधिकारी, माध्यमिक शिक्षा मंडल, मप्र
