नागपुर | ऑरेंज सिटी के नाम से मशहूर नागपुर अब दुनिया के खनिज मानचित्र पर ‘रेयर अर्थ एलिमेंट्स’ (REE) के बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा। नागपुर जिले की रामटेक तहसील के कवलापुर गाँव में लगभग 398 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले एक विशाल खनिज ब्लॉक की खोज की गई है। भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, यहाँ करीब 2 करोड़ 79.5 लाख टन दुर्लभ खनिजों का भंडार होने का अनुमान है। केंद्र सरकार के खनन मंत्रालय ने इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ब्लॉक के लिए कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) को 5 साल का खनन लाइसेंस प्रदान किया है, जो कंपनी के विविधीकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
यह दुर्लभ खनिज आधुनिक युग की तकनीक, जैसे स्मार्टफोन, कंप्यूटर, सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की बैटरियों और उन्नत रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए अनिवार्य हैं। वर्तमान में इन खनिजों के लिए भारत काफी हद तक चीन और अन्य देशों के आयात पर निर्भर है। रामटेक में इस भंडार के मिलने से न केवल भारत की विदेशी निर्भरता कम होगी, बल्कि रिन्यूएबल एनर्जी और इलेक्ट्रिक परिवहन के क्षेत्र में भी देश आत्मनिर्भर बनेगा। कोल इंडिया अब कोयला उत्पादन के साथ-साथ इन भविष्योन्मुखी खनिजों के निष्कर्षण पर ध्यान केंद्रित करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि कवलापुर प्रोजेक्ट से नागपुर के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयां मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे। यह विकासक्रम भारत सरकार के उस लक्ष्य का हिस्सा है जिसके तहत महत्वपूर्ण खनिजों के घरेलू स्रोतों को सुरक्षित कर आयात लागत कम करनी है। आने वाले वर्षों में यह खदान भारत की तकनीकी प्रगति और अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगी। कोल इंडिया ने इस दिशा में अपने कदम बढ़ा दिए हैं, जिससे वैश्विक खनिज बाजार में भारत का दबदबा बढ़ने की उम्मीद है।

