चंडीगढ़ | चंडीगढ़ नगर निगम के आगामी मेयर चुनाव के लिए सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने लंबे मंथन के बाद आधिकारिक तौर पर गठबंधन का ऐलान कर दिया है। सांसद मनीष तिवारी की मध्यस्थता में तय हुए फार्मूले के अनुसार, मेयर पद के लिए आम आदमी पार्टी अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी, जबकि सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर की दोनों महत्वपूर्ण सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। दोनों दलों ने एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी की घेराबंदी करने और निगम की सत्ता से उन्हें बाहर करने की रणनीति तैयार की है।
नगर निगम का गणित इस बार बेहद दिलचस्प और उलझा हुआ नजर आ रहा है। 35 सदस्यीय निगम में मेयर बनने के लिए 19 वोटों की जादुई संख्या की आवश्यकता है। वर्तमान में भाजपा के पास 18 वोट हैं, जबकि गठबंधन (AAP के 11 और कांग्रेस के 7, जिसमें सांसद का वोट शामिल है) के पास भी कुल 18 वोट हो रहे हैं। दोनों ही पक्षों को बहुमत साबित करने के लिए एक अतिरिक्त वोट की दरकार है। इस स्थिति ने मुकाबले को ‘कांटे की टक्कर’ में बदल दिया है, जहाँ एक भी क्रॉस-वोटिंग पूरे चुनाव का पासा पलट सकती है।
मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों के लिए मतदान 29 जनवरी को होना तय हुआ है। गठबंधन के नेताओं का दावा है कि वे बुधवार सुबह अपने संयुक्त उम्मीदवारों के नाम घोषित कर नामांकन दाखिल करेंगे। पार्टियों का तर्क है कि लोकतंत्र को बचाने और भाजपा की कथित मनमानी को रोकने के लिए यह वैचारिक तालमेल जरूरी है। प्रशासन ने मतदान को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, वहीं पार्षदों की ‘बाड़ेबंदी’ की खबरें भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

