श्रीनगर, (वार्ता) जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने दक्षिण कश्मीर के शोपियां और पुलवामा जिलों में व्यापक सुरक्षा समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता की। समीक्षा बैठक गणतंत्र दिवस 2026 से पहले मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य का आकलन एवं परिचालन तैयारियों की समीक्षा करने के लिए की गई।
शोपियां जिला पुलिस कार्यालय और पुलवामा जिला पुलिस लाइंस के सम्मेलन कक्ष में आयोजित उच्च स्तरीय बैठकों में आंतरिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने, जमीनी स्तर पर तैयारियों का मूल्यांकन करने और गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
शोपियां में हुई बैठक के दौरान, डीजीपी ने आगामी गणतंत्र दिवस समारोह के लिए कानून व्यवस्था प्रबंधन, आतंकवाद विरोधी तैयारियों, अपराध नियंत्रण उपायों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने जिले भर में शांतिपूर्ण और घटना-मुक्त समारोह सुनिश्चित करने के लिए बढ़ी हुई सतर्कता, पुख्ता सुरक्षा योजना, गहन क्षेत्रीय नियंत्रण और मजबूत खुफिया-आधारित अभियानों की आवश्यकता पर बल दिया।
अधिकारियों को संबोधित करते हुए, जम्मू-कश्मीर के डीजीपी ने सार्वजनिक सुरक्षा, शांति और व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करने वाले राष्ट्रविरोधी तत्वों से दृढ़ता और निर्णायक रूप से निपटने के स्पष्ट निर्देश जारी किया।
उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधियों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति को दोहराया और ऐसे तत्वों के खिलाफ निरंतर अभियानों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों से जनता के प्रति मैत्रीपूर्ण पुलिसिंग दृष्टिकोण बनाए रखने का आग्रह किया और साथ ही कानून के शासन को बनाए रखने और शोपियां के नागरिकों के लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए समर्पण, व्यावसायिकता एवं प्रतिबद्धता के साथ काम जारी रखने को कहा।
पुलवामा बैठक में, डीजीपी ने जिले भर में समग्र सुरक्षा स्थिति, चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों, कानून व्यवस्था और निवारक पुलिस उपायों का गहन आकलन किया। उन्होंने स्थिरता बनाए रखने और किसी भी प्रकार के विघटनकारी प्रयासों को विफल करने के लिए सक्रिय पुलिसिंग, क्षेत्र में मजबूत नियंत्रण, प्रभावी खुफिया मध्यवर्तन और क्षेत्रीय इकाइयों के बीच घनिष्ठ समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि डीजीपी ने जन-केंद्रित और सुलभ पुलिसिंग के महत्व पर भी बल दिया और कहा कि स्थायी शांति एव व्यवस्था बनाए रखने के लिए जनता का विश्वास और सहयोग महत्वपूर्ण है।
