
भोपाल। वीर भारत न्यास द्वारा आयोजित महाभारत समागम के पाँचवें दिन सभ्यताओं के संघर्ष एवं औदार्य की महागाथा को समर्पित विविध प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बहिरंग मंच पर द प्राइम टाइम थिएटर कंपनी, मुंबई द्वारा प्रस्तुत रॉक म्यूजिकल जय ने महाभारत की शाश्वत कथा को 21वीं सदी की संवेदना के साथ प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रख्यात रंगनिर्देशक लिलेट दुबे के निर्देशन में मंचित इस अंग्रेज़ी प्रस्तुति में विश्वस्तरीय लाइटिंग, भव्य सेट, सशक्त लाइव गायन और आधुनिक साउंड का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।
जय में युधिष्ठिर की दृष्टि से महाभारत की प्रमुख घटनाओं को नाटकीय मोंटाज शैली में रखा गया, जिसमें धर्म, सत्य, शक्ति और भाग्य के प्रश्न दुर्योधन व कर्ण के दृष्टिकोण से उभरते हैं, जबकि श्रीकृष्ण का गीता उपदेश कथा का नैतिक केंद्र बनता है।
पूर्वरंग मंच पर साधुचरण महतो के निर्देशन में पुरुलिया छाऊ शैली में प्रस्तुत अभिमन्यु वध ने वीरता और करुणा का सशक्त चित्रण किया। वहीं अंतरंग सभागार में जॉय के निर्देशन में मंचित अंधायुग ने युद्धोत्तर पीड़ा और नैतिक संकट को गहराई से उकेरा। कार्यक्रम के अंत में न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने कलाकारों का सम्मान किया।
