
भोपाल। देश की जनता की भावनाओं को आहत करने के आरोपों में भाजपा मंत्री विजय शाह के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने से जनआक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी लोकतांत्रिक असंतोष को स्वर देने के लिए मध्यप्रदेश कांग्रेस ने मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस महासचिव अमित शर्मा ने किया।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अमित शर्मा ने कहा कि यह “बेहद चिंताजनक और शर्मनाक” है कि जिस मंत्री के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं, उसे भाजपा सरकार खुला संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि यह न केवल संविधान का अपमान है, बल्कि देश की जनता की भावनाओं पर भी सीधा प्रहार है।
शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के इस रवैये से स्पष्ट होता है कि उसके लिए सत्ता और मंत्री सर्वोपरि हैं, जबकि संविधान, न्यायपालिका और जनभावनाओं का कोई महत्व नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा, तो आम नागरिक न्याय की उम्मीद आखिर किससे करे।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि विजय शाह की तत्काल गिरफ्तारी केवल कानूनी आवश्यकता ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र में एक नैतिक अनिवार्यता भी है। कार्रवाई न होना यह संदेश देता है कि कानून केवल आम जनता के लिए है, सत्ता में बैठे लोगों के लिए नहीं।
अमित शर्मा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी और जब तक विजय शाह की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
