तेहरान | ईरान में सोमवार को एक अभूतपूर्व साइबर हमले ने पूरे देश के सरकारी तंत्र को हिलाकर रख दिया। हैकर्स ने ईरान के सभी सरकारी टीवी चैनलों को एक साथ हैक कर लिया और उन पर हालिया सरकार-विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के वीडियो प्रसारित कर दिए। इतना ही नहीं, चैनलों पर निर्वासित प्रिंस रेजा पहलवी का संदेश भी चलाया गया, जिसमें उन्होंने जनता से वर्तमान सत्ता के खिलाफ आंदोलन में शामिल होने की भावुक अपील की। इस डिजिटल हमले के बाद तेहरान समेत कई बड़े शहरों में अफरा-तफरी का माहौल है। हालांकि अभी किसी समूह ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन ईरान सरकार ने इस तकनीकी हमले के लिए सीधे तौर पर अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है।
इस तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी जारी की है। पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई पर किया गया कोई भी हमला ईरान के खिलाफ ‘पूर्ण युद्ध’ (Full-scale War) माना जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरानी नागरिक आज जिन आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, उसके पीछे अमेरिकी प्रतिबंधों की अमानवीय सोच है। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा और नेतृत्व की रक्षा के लिए पूरी ताकत से पलटवार करने को तैयार है। गौरतलब है कि हाल ही में ट्रंप ने ईरान में नेतृत्व परिवर्तन की बात कहकर तनाव को हवा दी थी।
ईरान में 28 दिसंबर से खराब अर्थव्यवस्था के विरोध में शुरू हुए प्रदर्शनों ने अब उग्र रूप ले लिया है। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि सरकारी दमन के कारण अब तक 3,700 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों की संख्या में गिरफ्तारियां हुई हैं। सुप्रीम लीडर खामेनेई ने इन मौतों को स्वीकार करते हुए इसके लिए विदेशी ताकतों को दोषी बताया है। दूसरी ओर, ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर जानलेवा बल का प्रयोग बंद नहीं किया, तो अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप से पीछे नहीं हटेगा। फिलहाल, तेहरान और वॉशिंगटन के बीच जुबानी जंग अब एक बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ती दिख रही है।

