मुंबई | ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान इन दिनों अपने एक विवादास्पद बयान के कारण सुर्खियों में हैं। एक इंटरव्यू के दौरान रहमान ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में “पावर शिफ्ट” और कथित सांप्रदायिक भेदभाव का मुद्दा उठाया था। इतना ही नहीं, उन्होंने विक्की कौशल की आगामी फिल्म ‘छावा’ को “बांटने वाली” (डिवाइडिंग) फिल्म करार दिया। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई और लोगों ने उन पर फिल्म के माध्यम से समाज में दरार पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया। विवाद के तूल पकड़ते ही रहमान ने एक वीडियो जारी कर माफी मांगी और कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
इस विवाद में नया मोड़ तब आया जब दिग्गज अभिनेता और पूर्व सांसद परेश रावल एआर रहमान के बचाव में उतर आए। परेश रावल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर रहमान को अपना “गर्व” बताते हुए उनके प्रति प्यार जाहिर किया। हालांकि, परेश रावल का यह रुख कई नेटिजन्स को रास नहीं आया। यूजर्स ने रावल को निशाने पर लेते हुए कहा कि वे एक ऐसे व्यक्ति का समर्थन कैसे कर सकते हैं जिसने ऐतिहासिक फिल्म और भारतीय सिनेमा पर सांप्रदायिक टिप्पणी की है। इसके बाद परेश रावल को भी सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।
रहमान की माफी के बावजूद यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां इंडस्ट्री का एक वर्ग इसे अभिव्यक्ति की आजादी बता रहा है, वहीं आम जनता और कई दक्षिणपंथी विचारकों ने इसे बॉलीवुड में बढ़ती नकारात्मकता का हिस्सा बताया है। आलोचकों का कहना है कि संगीत जैसे पवित्र माध्यम से जुड़े व्यक्ति को ऐसी विभाजनकारी भाषा से बचना चाहिए। फिलहाल, ‘छावा’ के मेकर्स की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन फिल्म की रिलीज से पहले इस विवाद ने सिनेमाई गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

