महंगाई की मार से वाहन चलाना और मेंटेनेंस हुआ बेहद महंगा, टायर से लेकर इंजन ऑयल तक की कीमतों में 15% का भारी उछाल, आम आदमी का बजट बिगड़ा

नई दिल्ली | देश में बढ़ती महंगाई ने अब वाहन मालिकों की कमर तोड़ दी है। पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतों के बीच अब कार और टू-व्हीलर के स्पेयर पार्ट्स के दामों में 10 से 15 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कच्चे माल (रॉ-मटेरियल) की लागत बढ़ने के कारण क्लच प्लेट, पिस्टन और चेन स्प्रोकेट सेट जैसे जरूरी पार्ट्स काफी महंगे हो गए हैं। उदाहरण के तौर पर, दुपहिया वाहनों की जो क्लच प्लेट पहले 400 रुपये में मिलती थी, वह अब बढ़कर 460 से 780 रुपये तक पहुंच गई है। इंजन ऑयल की कीमतों में भी कंपनियों ने प्रति लीटर 100 रुपये तक का इजाफा कर दिया है, जिससे हर सर्विसिंग पर जेब ज्यादा ढीली हो रही है।

वाहनों के टायरों की कीमतों में भी 15 प्रतिशत तक का उछाल आया है, जिससे मध्यम वर्ग के लिए गाड़ी का रखरखाव ‘आउट ऑफ बजट’ होता जा रहा है। स्प्लेंडर जैसी बाइक का टायर जो पहले 1,500 रुपये में उपलब्ध था, अब उसकी शुरुआत ही 1,700 रुपये से हो रही है। यही हाल कार एक्सेसरीज का भी है; सामान्य व्हील कवर और सीट कवर की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। छोटे सामान जैसे 100 ग्राम ग्रीस की डिब्बी भी अब 25 रुपये के पार पहुंच गई है। ट्रांसपोर्टेशन चार्ज बढ़ने के कारण थोक विक्रेताओं ने भी कीमतें बढ़ा दी हैं, जिसका सीधा असर फुटकर ग्राहकों पर पड़ रहा है।

महंगाई का असर केवल इंजन और टायरों तक सीमित नहीं है, बल्कि लग्जरी कार एक्सेसरीज और बॉडी कवर भी महंगे हो गए हैं। जो साधारण कार कवर पहले 400 से 500 रुपये में मिल जाता था, उसकी कीमत अब 700 रुपये के ऊपर निकल गई है, जबकि लग्जरी कारों के कवर 2,500 रुपये से अधिक में मिल रहे हैं। मेंटेनेंस की बढ़ती लागत को देखते हुए अब लोग केवल बेहद जरूरी काम ही करवा रहे हैं और गैर-जरूरी एक्सेसरीज से परहेज कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि अगर कच्चे माल की कीमतों में गिरावट नहीं आई, तो आने वाले दिनों में सर्विसिंग चार्ज में और भी अधिक बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

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