म्यूनिख हवाई अड्डे से उड़ानों की आवाजाही पुन: शुरू, ड्रोन दिखने के कारण उड़ानों पर लगी थी रोक

म्यूनिख, 03 अक्टूबर (वार्ता) जर्मनी के म्यूनिख हवाई अड्डे पर शुक्रवार को उड़ानों के निलंबन का आदेश वापस ले लिया गया और पुन: उड़ानें शुरू कर दी गयी हैं।

इससे पहले म्यूनिख हवाई अड्डे ने गुरूवार को घोषणा की थी कि उसके हवाई क्षेत्र में ड्रोन दिखने के कारण सभी उड़ानें निलंबित की जाती हैं।

हवाई अड्डे ने कहा था कि दो अक्टूबर की देर शाम जर्मन हवाई यातायात नियंत्रण (डीएफएस) ने (स्थानीय समयानुसार) रात 10.18 बजे म्यूनिख हवाई अड्डे पर विमान संचालन पर रोक लगा दी और फिर कई ड्रोन दिखने के बाद उन्हें पूरी तरह से निलंबित कर दिया। इसके परिणामस्वरूप उस शाम से 17 उड़ानें नहीं उड़ सकीं, जिससे 3000 यात्री प्रभावित हुए। ड्रोन की पहचान के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

इसके पहले भी कई देशों ने उनके वायक्षेत्र में ड्रोन घुसने की शिकायतें की हैं। 10 सितंबर को भी पोलैंड के सशस्त्र बलों ने कहा था कि उन्होंने देश के हवाई क्षेत्र में कई ड्रोन घुसने के बाद उन्हें मार गिराये हैं। प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने ड्रोन्स को लेकर दावा किया था कि ये ड्रोन्स रूसी थे, जो खतरा पैदा कर सकते थे इसलिए उन्हें पोलैंड के ऊपर मार गिराया गया।

पोलैंड में रूस के प्रभारी राजदूत आंद्रे ओरदाश ने स्पुतनिक के एक प्रश्न पर कहा कि पोलैंड ने आरोपों को लेकर अब तक कोई सबूत नहीं दिए कि ड्रोन्स रूसी हैं। रूसी रक्षा मंत्री ने कहा कि 10 सितम्बर को यूक्रेनी रक्षा उद्योग उद्यमों के खिलाफ रूस के बड़े हमले के दौरान पोलैंड में किसी भी प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया गया।

एस्टोनिया ने बाद में बिना सबूत के दावा किया था कि उसके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन हुआ है। रूसी रक्षा मंत्री ने कहा कि 19 सितंबर को तीन रूसी मिग-31 लड़ाकू विमानों ने अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र के नियमों का सख्ती से पालन करते हुए करेलिया से कलिनिनग्राद क्षेत्र के एक हवाई क्षेत्र तक निर्धारित उड़ान भरी थी।

रोमानियाई रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि 20 सितंबर की शाम को एक ड्रोन ने देश के हवाई क्षेत्र का कुछ समय के लिए उल्लंघन किया, लेकिन इससे जनता की सुरक्षा को तत्काल कोई खतरा नहीं है। विदेश मंत्री ओना तोइउ ने बताया कि रोमानियाई हवाई क्षेत्र में ड्रोन की उपस्थिति के कारण रोमानिया में रूसी राजदूत ओलेग लिपायेव को 21 सितंबर की शाम को रोमानियाई विदेश मंत्रालय में तलब किया गया था, हालांकि ड्रोन बनाने वाले देश का कोई सबूत नहीं दिया गया।

डेनमार्क के कई हवाई अड्डों ने देश के हवाई क्षेत्र में ड्रोन देखे जाने की सूचना दी है। इसपर कोपेनहेगन स्थित रूसी दूतावास ने कहा कि रूसी पक्ष डेनिश हवाई अड्डों के पास ड्रोन घटनाओं में अपनी संलिप्तता की बेतुकी अटकलों को सिरे से खारिज करता है।

राजनयिक अभियान के मुताबिक ये घटनायें एक सुनियोजित उकसावे की कार्रवाई है, जिसका उपयोग उन ताकतों के हित में तनाव को और बढ़ाने के लिए किया जाएगा, जो हर तरह से यूक्रेनी संघर्ष को यथासंभव लंबा खींचने तथा इसे अन्य देशों तक फैलाने की कोशिश कर रही हैं।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने ड्रोन घुसपैठ में रूसी संलिप्तता के दावों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है और तर्क दिया है कि रूस ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन किया। डेनमार्क में रूसी राजदूत व्लादिमीर बारबिन ने कहा कि कोपेनहेगन हवाई अड्डे के ऊपर ड्रोन की घटना नाटो सहयोगियों और रूस के बीच सीधे सैन्य टकराव को भड़काने की एक चाल थी।

 

 

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