भोपाल: दावोस, स्विट्जरलैंड में आज से शुरू हो रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निवेश के नए अध्याय की रूपरेखा पेश करने जा रहा है। राज्य की प्राथमिकता केवल संवाद नहीं, बल्कि ठोस निवेश समझौतों और दीर्घकालिक साझेदारियों पर आधारित है।
मुख्यमंत्री 21 जनवरी से वैश्विक नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व के साथ वन-टू-वन चर्चाओं के जरिए मध्यप्रदेश को निवेश का भरोसेमंद गंतव्य बताने की बात कह रहे हैं। आयोजन के दौरान नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मुरैना सोलर पावर स्टोरेज प्रोजेक्ट को लेकर अडानी समूह से अनुबंध प्रस्तावित है, वहीं रक्षा उत्पादन इकाई की संभावनाओं पर भी विचार विमर्श होगा।
आईटी, बायोटेक, वित्त, ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में यूनिफोर, एचएसबीसी, ग्रीनको, वेलस्पन वर्ल्ड, पेप्सी, कोका-कोला सहित वैश्विक कंपनियों से निवेश वार्ता प्रस्तावित है। क्योंकि मप्र में वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय है,लिहाजा कृषि और एग्रीटेक में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी इस सहभागिता का खास केंद्र रहेगी।
