
भोपाल। राजधानी भोपाल में आज तमिल संगम द्वारा तमिल समुदाय का प्रमुख पर्व पोंगल पारंपरिक श्रद्धा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उत्साह के साथ मनाया गया। आयोजन में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए तमिल समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सूर्य देव की पूजा से हुई। इसके बाद मिट्टी के बर्तनों में पोंगल (चावल, दूध और गुड़ से बना पारंपरिक व्यंजन) पकाकर प्रकृति, सूर्य और अन्नदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। महिलाओं ने रंग-बिरंगे परिधानों में कोलम (रंगोली) सजाई, वहीं बच्चों और युवाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत बना दिया।
तमिल संगम के पदाधिकारियों ने कहा कि पोंगल केवल फसल उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, परिश्रम और सामाजिक एकता का प्रतीक है। भोपाल जैसे बहुसांस्कृतिक शहर में इस प्रकार के आयोजन आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को पारंपरिक तमिल व्यंजनों का प्रसाद वितरित किया गया तथा सामूहिक भोज का आयोजन भी किया गया।
