
ब्यावरा। शासन द्वारा किसानों को सोयाबीन का बेहतर दाम देने हेतु भावांतर योजना में सोयाबीन की खरीदी की गई, जिसकी अंतिम तारीख 15 जनवरी रही. भावांतर योजना में खरीदी गई सोयाबीन के दर्ज आंकड़े के अनुसार जिले में सबसे अधिक सारंगपुर क्षेत्र के किसानों ने भावांतर में सोयाबीन फसल बेची इसके बाद नरसिंहगढ़ क्षेत्र रहा. जबकि सुठालिया एवं छापीहेड़ा क्षेत्र में सबसे कम सोयाबीन भावांतर योजना में बेचना सामने आया है. जिले में एक लाख से अधिक किसानों द्वारा भावांतर योजना में सोयाबीन का विक्रय किया गया.
जानकारी के अनुसार 24 अक्टूबर से 6 नवम्बर तक जिले की विभिन्न कृषि मंडियों में सोयाबीन हुई खरीदी के आंकड़े इस प्रकार है. ब्यावरा में 1806 किसान, खिलचीपुर 984, खुजनेर 876, माचलपुर 1686, सुठालिया 142, नरसिंहगढ़ 2086, कुरावर 1550, जीरापुर 1912, छापीहेड़ा 308, पचोर में 2513 तथा सारंगपुर में 1677 किसानों ने योजना का लाभ लिया. इसमें सबसे अधिक पचोर में 2513 किसान एवं सबसे कम सुठालिया में 142 एवं छापीहेड़ा में 308 किसानों ने ही योजना का लाभ लिया.
इसी तरह 7 नवम्बर से 17 नवम्बर के बीच ब्यावरा में 1861, खिलचीपुर 1254, खुजनेर 1274, माचलपुर 1518, सुठालिया 481, नरसिंहगढ़ 4105, कुरावर 2774, जीरापुर 1683, छापीहेड़ा 486, पचोर 4034, सारंगपुर में 2454 किसानों ने सोयाबीन बेची. इसमें सबसे अधिक नरसिंहगढ़ 4105 तथा सबसे कम सुठालिया में 481 एवं छापीहेड़ा में 486 किसानों ने ही सोयाबीन बेची.
योजनांतर्गत 18 नवम्बर से 19 दिसम्बर तक ब्यावरा में 8742, खिलचीपुर 1766, खुजनेर 2984, माचलपुर 2277, सुठालिया 1019, नरसिंहगढ़ 9113, कुरावर 7414, जीरापुर 3315, छापीहेड़ा 1268, पचोर 10324 तथा सारंगपुर में 6186 किसानों ने सोयाबीन बेची. इस प्रकार पचोर में सबसे अधिक 10324 किसानों ने सोयाबीन बेची जबकि सबसे कम सुठालिया में 1019 तथा छापीहेड़ा 1268 किसानों ने ही इस अवधि में सोयाबीन बेची.
एक लाख से अधिक ने लिया योजना का लाभ
जिले भर में एक लाख से अधिक किसानों ने भावांतर योजना में सोयाबीन का विक्रय कर योजना का लाभ लिया. 24 अक्टूबर से 19 दिसम्बर तक जिले की विभिन्न कृषि मंडियों में 91, 872 किसानों ने भावांतर योजना में अपनी सोयाबीन बेची. जबकि अंतिम तारीख तक जिले में एक लाख से अधिक किसानों ने भावांतर योजना में सोयाबीन बेची.
24 अक्टूबर से 15 जनवरी तक हुई खरीदी
शासन द्वारा भावांतर योजना के तहत 24 अक्टूबर 2025 से सोयाबीन की खरीदी शुरु की जो 15 जनवरी 2026 तक की गई. इसमें सोयाबीन का समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल तय किया था. मॉडल रेट के अनुसार खरीदी की गई. प्रारंभ में सप्ताह में मॉडल रेट तय हुए बाद में प्रतिदिन के हिसाब से मॉडल रेट आये उसी के अनुसार खरीदी की गई.
