सिंगापुर, 27 जुलाई (वार्ता) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि उनका राज्य बंदरगाहों और हरित ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में निवेश के प्रचुर अवसर प्रदान करता है।
सिंगापुर की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नायडू ने सिंगापुर में रविवार को कहा कि राज्य में इस समय में प्रगतिशील नीतियों को लागू किया जा रहा है ताकि सिंगापुर स्थित उद्यमों से निवेश को सुगम बनाया जा सके। उन्होंने सिंगापुर में उच्चायुक्त शिल्पक अंबुले से मुलाकात की।
श्री अंबुले ने विविध क्षेत्रों में सिंगापुर की उपलब्धियों, उसके मज़बूत आर्थिक विकास और वहां लागू की जा रही प्रभावी सार्वजनिक नीतियों के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने सिंगापुर में भारतीय समुदाय के योगदान और उपस्थिति को भी रेखांकित किया।
श्री अंबुले ने चंद्रबाबू नायडू को स्वास्थ्य सेवा, हरित हाइड्रोजन, विमानन, अर्धचालक, बंदरगाह और औद्योगिक विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सिंगापुर में अपनाई जा रही रणनीतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने भारत और सिंगापुर के बीच मज़बूत कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों पर ज़ोर दिया और कहा कि सिंगापुर की कंपनियां आंध्र प्रदेश में निवेश के अवसरों को तलाशने में विशेष रूप से रुचि रखती हैं।
इसके जवाब में श्री नायडू ने अमरावती राजधानी परियोजना पर सिंगापुर के साथ पहले हुए सहयोग को याद किया।
उन्होंने कहा कि 2019-2024 की अवधि के दौरान कुछ घटनाक्रमों के कारण, सिंगापुर को इस पहल से हटना पड़ा।
श्री नायडू ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस यात्रा का एक उद्देश्य पिछली ग़लतफ़हमियों को दूर करना और नए सिरे से जुड़ाव के ज़रिए मौजूदा स्थिति को सुधारना है। मुख्यमंत्री ने राज्य की नई शुरू की गई नीतियों का विवरण साझा किया, जिनका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना है। उन्होंने 160 गीगावाट हरित ऊर्जा उत्पादन हासिल करने के राज्य के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को दोहराया।
मुख्यमंत्री ने उच्चायुक्त को बताया कि विशाखापत्तनम (एनटीपीसी के साथ साझेदारी में) और काकीनाडा में हरित हाइड्रोजन परियोजनाएँ पहले ही शुरू की जा चुकी हैं। श्री नायडू ने घोषणा की “ इसके अलावा, भारत क्वांटम मिशन के तहत, आंध्र प्रदेश अमरावती में देश की पहली क्वांटम वैली स्थापित करने के लिए तैयार है।” उन्होंने बताया कि वैश्विक तकनीकी दिग्गज गूगल विशाखापत्तनम में एक डेटा सेंटर स्थापित कर रहा है। रायलसीमा जैसे क्षेत्र रक्षा, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल निर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए अत्यधिक अनुकूल परिस्थितियां प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश भारत में सिंगापुर के निवेश के लिए एक रणनीतिक प्रवेश द्वार के रूप में काम कर सकता है और इसके लिए आवश्यक सहायता का आग्रह किया। श्री अम्बुले ने यह भी बताया कि सिंगापुर की 83 प्रतिशत आबादी सार्वजनिक आवास परियोजनाओं से लाभान्वित होती है। इसके जवाब में मंत्री पी. नारायण ने आंध्र प्रदेश की आवास संबंधी पहलकदमियों का खाका प्रस्तुत किया।
