नई दिल्ली | 17 जनवरी, 2026: दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सिख गुरुओं पर कथित विवादित टिप्पणी मामले में नया मोड़ ला दिया है। उन्होंने खुलासा किया कि सदन की आधिकारिक वीडियो रिकॉर्डिंग की फोरेंसिक (FSL) रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जिसमें वीडियो और ऑडियो को पूरी तरह मूल और वैध पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, रिकॉर्डिंग में किसी भी प्रकार की डिजिटल छेड़छाड़ या काट-छांट नहीं की गई है। गुप्ता ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में ‘गुरु’ शब्द का इस्तेमाल स्पष्ट रूप से पाया गया है, जो यह साबित करता है कि सदन के भीतर जो कुछ रिकॉर्ड हुआ, वह पूरी तरह सत्य है।
विजेंद्र गुप्ता ने पंजाब सरकार द्वारा पहले जारी की गई उस रिपोर्ट पर कड़ा रुख अपनाया है, जिसमें वीडियो को ‘एडिटेड’ बताया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस की जांच और वहां दर्ज की गई एफआईआर एक प्रायोजित घटनाक्रम का हिस्सा लग रही है। विधानसभा अध्यक्ष ने घोषणा की कि वे पंजाब की फोरेंसिक रिपोर्ट की सच्चाई का पता लगाने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच की सिफारिश करेंगे। उन्होंने कहा कि आज की एफएसएल रिपोर्ट ने विरोधियों के उन दावों की पोल खोल दी है जो इस वीडियो को फर्जी बताकर बचाव कर रहे थे।
इस मामले ने दिल्ली और पंजाब की राजनीति में भूचाल ला दिया है। जहाँ आम आदमी पार्टी ने भाजपा नेता कपिल मिश्रा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला चलाने की मांग की थी, वहीं अब दिल्ली विधानसभा की आधिकारिक रिपोर्ट ने सत्ता पक्ष को बैकफुट पर धकेल दिया है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि जब विपक्ष की मांग पर ही वीडियो लैब भेजा गया था, तो अब उन्हें रिपोर्ट स्वीकार करनी चाहिए। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सीबीआई जांच की मांग और तेज होने की संभावना है, जिससे दोनों राज्यों के बीच राजनीतिक टकराव और अधिक बढ़ने के आसार हैं।

