नयी दिल्ली (वार्ता) असम विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को दिल्ली में एक बेहद खास बैठक की।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई इस बैठक में सर्वश्री राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल और असम के प्रभारी जितेंद्र सिंह सहित कई दिग्गज नेता शामिल हुए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को घेरने के लिए एक ठोस चुनावी रोडमैप तैयार करना था।
इस बैठक में रणनीति के अनुसार कांग्रेस 20 जनवरी को गुवाहाटी में एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी, जिसमें राज्य सरकार के खिलाफ ‘चार्जशीट’ या बड़े खुलासे किए जाने की संभावना है। इसके तुरंत बाद, 21 से 28 जनवरी तक पूरे असम में सघन कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में मौजूद कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ पर्यवेक्षक डी.के. शिवकुमार ने दावा किया कि जमीनी स्तर से बदलाव के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं और कांग्रेस इस बार असम में सरकार बनाने की गारंटी देती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी एकजुट है और किसी भी प्रकार के ध्रुवीकरण की राजनीति को सफल नहीं होने देगी।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पर्यवेक्षक भूपेश बघेल ने असम के मुख्यमंत्री पर तीखा हमला करते हुए उन्हें ‘भ्रष्ट’ करार दिया। बघेल ने कहा कि जनता ने मौजूदा सरकार के खिलाफ मन बना लिया है और 20 तारीख की प्रेस वार्ता इसी दिशा में एक बड़ा कदम होगी। पार्टी ने असम में युवा नेतृत्व और अनुभवी पर्यवेक्षकों के समन्वय से ‘मिशन 2026’ को फतह करने की योजना बनाई है।
गौरतलब है कि हाल ही में प्रियंका गांधी वाड्रा को भी असम चुनाव के लिए स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है, जो टिकट वितरण में अहम भूमिका निभाएंगी।
