गोरखपुर, 16 जनवरी (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से कम से कम एक खेल अपनाने और उससे जुड़ी प्रतिभा को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री यहां दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पूर्वी क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय महिला बास्केटबॉल प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों से खेलों के माध्यम से अनुशासन, खेल भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने में सार्थक भूमिका निभाने का आग्रह किया।
खेलों के सामाजिक प्रभाव पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कहा, “खेल गतिविधियों में अधिक भागीदारी युवाओं को ड्रग्स और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में मदद करती है। जब युवा खेल में शामिल होते हैं, तो उनमें आत्मविश्वास और चरित्र का विकास होता है, जिससे वे राष्ट्र निर्माण और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के भारत के विजन में प्रभावी ढंग से योगदान कर पाते हैं।”
विकसित भारत के एक स्तंभ के रूप में खेलों को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य ने कई ऐतिहासिक पहल की हैं। उत्तर प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय मेरठ में स्थापित किया गया है, जो खेल उपकरणों के निर्माण का केंद्र भी बन गया है। इन उत्पादों को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना के तहत शामिल किया गया है, जिससे स्थानीय उद्योग और रोजगार को और बढ़ावा मिला है।”
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में पूरे देश में एक जीवंत खेल संस्कृति ने जड़ें जमा ली हैं। उन्होंने कहा, “2014 से पहले, खेलों और एथलीटों को बड़े पैमाने पर नजरअंदाज किया जाता था, और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बुनियादी ढांचे की कमी के कारण कई खिलाड़ियों को अपनी खेल आकांक्षाओं को छोड़ना पड़ा। हालांकि, 2014 से, खेलों और खिलाड़ियों को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिला है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया और सांसद खेल प्रतियोगिता जैसी पहलों के माध्यम से, प्रधानमंत्री ने एक स्वस्थ, फिट और लचीले राष्ट्र को प्रेरित किया है।”
