इंदौर: बनारस में देवी अहिल्या बाई होलकर द्वारा निर्मित मणिकर्णिका घाट को लेकर स्थानीय महाराष्ट्रीयन समाज में आक्रोश व्याप्त है. उक्त मामले को लेकर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ने बनारस के कलेक्टर से बात की है. साथ होलकर के खासगी ट्रस्ट और अहिल्या जनशताब्दी समिति को भी पत्र लिखने का कहा है.दो दिन पहले बनारस में काशी विश्वनाथ मंदिर के पास और गंगा नदी किनारे स्थित ऐतिहासिक मणीकार्निका घाट प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया. उक्त घाट का निर्माण लोकमाता अहिल्या देवी के द्वारा 1771मे करावाया गया था.
घाट ऐतिहासिक महत्व का होने के साथ आस्था का केंद्र भी था. उक्त मामले को लेकर महाराष्ट्रीयन समाज में रोष व्याप्त है. इसको लेकर महाराष्ट्रीयन समाज द्वारा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है. पूर्व पार्षद और देवी अहिल्या समिति के सुधीर देगड़े ने कहा कि विकास के लिए ऐतिहासिक महत्व की धरोहरो को इस प्रकार ध्वस्त करना गलत है. इस मामले को लेकर धनगर समाज मे असंतोष एवं आक्रोश व्याप्त है.
लोकमाता अहिल्या बाई द्वारा किए जन कल्याण कार्यों का आज भी ऐतिहासिक महत्व है. लोगों की आस्था का केंद्र है. मणिकर्णिका घाट को इस प्रकार बगैर किसी पुरातत्व अधिनियमों का पालन किए लगभग 250 वर्ष पूर्व निर्मित धरोहर को तोड़ना, उचित ही नहीं है। बगैर सावधानी के विनाश करना अनुचित है. हम विकास का समर्थन करते है, किन्तु जिस प्रकार अहिल्या बाई द्वारा स्थित मंदिर को नासमझी से ध्वस्त किया गया. उससे समाज एवं अहिल्या भक्तों कि जन भावना आहत हो रही है और समाज में आक्रोश व्याप्त है. धनगर, गड़रिया, पाल, बघेल समाज के साथ धनगर समाज कि समस्त उपजातियां इस कुकृत्य के दोषी अधिकारियों को दण्डित करने एवं माणिकर्णीका घाट एवं देवस्थान का पुनःनिर्माण एवं लोकमाता देवी अहिल्या की प्रतिमा पुनः स्थापित करने की मांग करता है.
अखबार में विज्ञापन दकर गलती स्वीकारी
उक्त मामले में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि मैंने बनारस के जिलाधीश से बात की है. उन्होंने मसान की सुविधा को अधिक व्यवस्थित करने के लिए कार्य किया था. उन्होंने अखबार में विज्ञापन देकर गलती स्वीकार की है. वहां के मुख्यमंत्री भी गंभीर है. उन्होंने अहिल्या बाई होलकर की वापस मंदिर और अन्य स्थान का पुनर्निर्माण करने का कहा है. वैसे मैंने समाज जन, खासगी ट्रस्ट और अहिल्या जन्म शताब्दी समिति से भी पत्र लिखने का कहा है.
