कबीर बेदी का जन्म लाहौर में हुआ, संघर्ष मुंबई में किया और यूरोप में वह सुपरस्टार बने। सैंडोकन से मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान और जेम्स बॉन्ड फिल्म ऑक्टोपसी ने उन्हें ग्लोबल स्टार बनाया।
कबीर बेदी भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा अभिनेताओं में शुमार हैं, जिनका करियर सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने भारतीय सिनेमा के साथ-साथ हॉलीवुड और यूरोप में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई। उनकी जिंदगी और करियर उतार-चढ़ाव, साहसिक फैसलों और अंतरराष्ट्रीय सफलता से भरे रहे, जो किसी थ्रिलर फिल्म की कहानी जैसे लगते हैं।
कबीर बेदी का जन्म 16 जनवरी 1946 को लाहौर में एक सिख परिवार में हुआ था। बंटवारे के बाद उनका परिवार भारत आ गया। उनके पिता नानक सिंह प्रसिद्ध लेखक थे, जबकि मां फ्रेडा बेदी सामाजिक कार्यकर्ता थीं। ऐसे सांस्कृतिक और बौद्धिक माहौल में पले-बढ़े कबीर का रुझान शुरू से ही कला, साहित्य और अभिनय की ओर रहा। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पहले मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा, जहां उनकी दमदार पर्सनालिटी और गहरी आवाज ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।
