
रतलाम। हादसे में घायल युवक की मौत के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने रतलाम-बांसवाड़ मार्ग रोक चक्काजाम कर विरोध करने लगे। इससे मार्ग पर करीब 3 घंटे तक प्रदर्शन चला। इससे पूरा मार्ग बंद हो गया और स्कूली वाहन भी रूक गए और वाहनों की लम्बी कतारें लग गई।
एंबुलेंस की टक्कर के बाद घायल हुए युवक की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुरुवार सुबह 9.30 बजे स्वजन और ग्रामीणों ने रतलाम-बांसवाड़ा रोड पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया।
जाम के चलते सडक़ के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सूचना पर थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी और तहसीलदार ऋषभ ठाकुर पहुंचे। थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी ने ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन दिया और जाम खुलवाया।
वाहनों की लगी कतारें:चक्काजाम के कारण सुबह के समय स्कूल जाने वाले कई विद्यार्थी जाम में फंस गए। हालात को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की मदद से बच्चों को बसों से उतारकर सडक़ के दूसरी ओर खड़ी बसों में शिफ्ट कराया गया, ताकि वे समय पर स्कूल पहुंच सकें। थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी ने बताया कि मामले में दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्वजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। स्वजन एंबुलेंस होने की बात कर रहे है, घटना के समय के सीसीटीवी देखकर एंबुलेंस की सर्चिंग की जाएगी।
युवक को एम्बुलेंस वाहन ने मारी थी टक्कर
नंदलाई गांव निवासी दरबार डोडियार पिता कन्हैयालाल डोडियार अपने दोस्त के साथ बाइक से घर जा रहे थे। 9 जनवरी की रात सेजावता-बंजली बायपास पर एक एंबुलेंस की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर स्वजन उन्हें बड़ौदा के अस्पताल लेकर गए, जहां बुधवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही स्वजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और वे सडक़ पर उतर आए।
