जबलपुर: धान उपार्जन में अनियमितता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर जिला उपार्जन समिति ने कड़ी कार्रवाई की है। जांच में दोषी पाए जाने पर दो संस्थाओं को दो वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, जबकि तीन संस्थाओं के कर्मचारियों को चेतावनी जारी की गई है।जिला आपूर्ति नियंत्रक प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि धान खरीदी में गड़बड़ी की जांच के लिए राजस्व, खाद्य, कृषि और सहकारिता विभाग के अधिकारियों का संयुक्त दल गठित किया गया था।
जांच रिपोर्ट के अनुसार शहपुरा तहसील अंतर्गत पारस वेयरहाउस सहजपुर स्थित संस्कार ग्राम संगठन बिल्हा पर नॉन एफएक्यू धान का उपार्जन करने का आरोप सिद्ध हुआ, वहीं सिहोरा तहसील अंतर्गत सम्मेद सागर वेयरहाउस स्थित अपराजिता संकुल स्तरीय संगठन फनवानी के खरीदी केंद्र में धान की बोरियों पर किसान कोड व नाम अंकित न होना और कम तौल जैसी अनियमितताएं पाई गईं।
सर्वे एजेंसी आर.बी. एसोसिएट्स के कमीशन में होगी कटौती
जानकारी के अनुसार इन दोनों संस्थाओं को खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 एवं 2027-28 तथा रबी विपणन वर्ष 2026-27 एवं 2027-28 में धान उपार्जन कार्य से वंचित रखा जाएगा। साथ ही देय कमीशन में से 10 प्रतिशत कटौती करने का भी निर्णय लिया गया है। अपराजिता संकुल स्तरीय संगठन के केंद्र पर सर्वेयर की गड़बड़ी पाए जाने पर सर्वे एजेंसी आर.बी. एसोसिएट्स के कमीशन में 2 प्रतिशत कटौती की गई है।
तीन संस्थाओं के कर्मचारियों को दी चेतावनी
इसके अलावा गंभीर प्रकृति की अनियमितता नहीं पाए जाने पर तीन संस्थाओं के कर्मचारियों को भविष्य में पुनरावृत्ति न करने की चेतावनी दी गई है। इनमें सिहोरा तहसील के द्वारकाधीश वेयरहाउस स्थित जीवन ज्योति ग्राम संगठन मझगंवा, पनागर तहसील के श्री राज वेयरहाउस हथना स्थित जनशक्ति संकुल संगठन कुशनेर तथा सिहोरा तहसील के विदित एग्रो पार्क स्थित पंचशील ग्राम संगठन अमगवां शामिल हैं।
