सतना : तीस वर्ष से अधिक पुरानी जलापूर्ति पाइपलाइनों का तत्काल चिन्हांकन कर उन्हें बदलने का प्रक्रिया शुरु की जाए जिससे इंदौर जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुनरावृत्ति न होने पाए. नगर निगम और स्मार्ट सिटी के कार्यों की समीक्षा करने के दौरान नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने यह कड़े निर्देश दिए.वल्लभ भवन भोपाल स्थित मंत्रालयीन कार्यालय में नगर निगम सतना और सतना स्मार्ट सिटी के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई.
बैठक में राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर में जल कनेक्शन और सीवेज कनेक्शन के कार्य अविलंब पूर्ण किए जाएं. इसी कड़ी में उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नागरिकों को दिए जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. पेयजल की शुद्धता निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चत किया जाए. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर में 39 वर्ष से अधिक पुरानी जलापूर्ति पाइपलाइनों का तत्काल चिन्हांकन किया जाए.
इन्हें पुरानी पाइपलाइन घोषित कर इनके स्थान पर नए नेटवर्क का तकनीकी प्रस्ताव तैयार किया जाए. तैयार प्रस्ताव को शीघ्र शासन स्तर पर प्रेषित किया जाए ताकि समय रहते इन्हें बदला जा सके. इसी कड़ी में राज्यमंत्री ने निर्देशित किया कि अमृत 1.0 योजना के अंतर्गत सीवरेज के जोन 1, 2 और 3 में चल रहे समस्त घटकों के कार्य हर हाल में मार्च 2026 तक पूर्ण कर लिए जाएं. इसके अतिरिक्त अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत सीवरेज एवं जलापूर्ति कार्यों को बिना किसी देरी के तत्काल प्रभाव से शुरु किया जाए. इसके अलावा स्मार्ट सिटी के कार्यों की समीक्षा करने के दौरान राज्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जो परियोजनाएं किसी भी कारण से लंबित हैं उनकी बाधाओं को तुरंत दूर कर उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाए. कार्य में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
