
उज्जैन। मकर संक्रांति पर बुधवार को तडक़े 4 बजे हुई भस्मारती में भगवान महाकाल को गर्भगृह में पुजारियों ने पंचामृत के साथ तिल के तेल से स्नान कराया। इसके बाद भांग व ड्रायफ्रूट्स से शृंगार कर चांदी के आभूषण धारण कराकर तिल्ली के लड्डुओं का भोग लगाया। इसके साथ ही भगवान को पर्व के अवसर पर पतंग भी अर्पित की कई। संक्रांति पर्व पर दिनभर दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। इधर मकर संक्रांति पर दिनभर शहर में जमकर पतंगबाजी हुई। हालांकि संक्रांति की शुरुआत दोपहर में 3 बजे के लगभग हुई इसलिए स्नान व दान-पुण्य का मुख्य पर्व आज गुरुवार को मनेगा। शिप्रा स्नान के लिए श्रद्धालु उमड़ेंगे व घाट पर पंडितों से संकल्प पूजन आदि कराएंगे। जगह-जगह दान स्वरूप खिचड़ी वितरण किया जाएगा।
महाकाल महोत्सव में भाग लेने गायक शंकर महादेव उज्जैन आए। शाम को प्रस्तुति के पहले उन्होंने मंदिर पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। नंदीहॉल में पुजारी रमण त्रिवेदी, पुरोहित नवनीत शर्मा ने उनका स्वागत किया। महोत्सव 18 जनवरी तक चलने वाला है।
