
ग्वालियर। भांडेर विधायक फूलसिंह बरैया ने अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के विधायकों और सांसदों की तुलना कुत्ते से की है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने कहा था कि ज्वॉइंट इलेक्टोरल में प्रवेश करने केबाद हमारे प्रतिनिधि कैसे हो जायेंगे, जैसे कि कुत्ते के मुंह पर बंधी पट्टी। काटने की बात छोडि़ये, वह कुत्ता भौंक भी नहीं पायेगा। बरैया ने कहा कि हम प्रयास करें कि हमारी आदिवासी हिन्दू न बन पाये, अगर आदिवासी सरना (वनों का धर्म) बन जाये तो आदिवासी की भी मुक्ति का मार्ग निकल सकता है। फूलसिंह ने यह बातें भोपाल के समन्वय भवन में कांग्रेस की डिक्लेरेशन -2 की ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक में कही। मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व सांसद उदित राज, झारखंड कांग्रेस के प्रभारी और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी के राजू आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया, विधायक ओंकार सिंह मरकाम, विधायक डॉ. हीरालाल अलावा मौजूद थे।
विधायक फूलसिंह बरैया ने कहा कि 2002 में भोपाल डिक्लेरेशन-1 आया था। अब डिक्लेरेशन -2 आने वाला है। हो सकता है कि यह भी आगे आने वाले समय में हमारी समस्याओं का समाधान न कर पाये। इसकी तह में जाना होगा कि परेशानी कहां पर है। समस्या का समाधान बाबा अंबेडकर के पास है।
