दिल्ली डायरी
प्रवेश कुमार मिश्र
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा में अब 100 दिन से भी कम समय बचा है लेकिन टीएमसी और भाजपा के नेताओं के बीच सत्ता बचाने व पाने के लिए जुबानी जंग जारी है. दिल्ली से लेकर कलकत्ता के सड़कों पर कथित भ्रष्टाचार और कथित केन्द्रीय एजेंसियों के दुरूपयोग का आरोप लगाते हुए दोनों पक्षों के नेताओं ने एक दूसरे के खिलाफ मोर्चाबंदी आरंभ कर दी है. ईडी द्वारा आई पैक के दफ्तर पर रेड के बाद आरंभ वाकयुद्ध अब व्यक्तिगत आक्षेप की ओर बढ़ रहा है. जहां एक तरफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले दिनों ईडी अधिकारियों से सीधे भिड़ंत कर अपनी आक्रामक राजनीति को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया है वहीं दूसरी ओर भाजपाई नेताओं द्वारा राज्य की टीएमसी सरकार के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर कलकत्ता की सड़कों पर मार्च निकाला जा रहा है. इस बीच ईडी विवाद कोर्ट के दरवाजे तक भी पहुंच गया है.
कर्नाटक कांग्रेस में जारी अंतर्कलह को सुलझाने का प्रयास
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया व उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर जारी अंतर्कलह को सुलझाने के लिए दिल्ली में बैठे कांग्रेसी रणनीतिकारों ने दो तरफा प्रयास आरंभ कर दिया है. इस प्रकरण को सुलझाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने एक रणनीतिक योजना के तहत प्रयास तेज कर दिया है. चर्चा है कि सत्ता समन्वय को व्यवस्थित करने के लिए पार्टी तीसरे विकल्प यानी किसी तीसरे नाम को आगे कर सकती है. कहा जा रहा है कि राहुल गांधी जल्द ही कर्नाटक दौरा कर मामले को सुलझाने का अंतिम प्रयास करेंगे.
पश्चिम बंगाल में अपनी खोई जमीन को पाने में जुटे कांग्रेसी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तीसरी ताकत के तौर पर मैदान में उतरने को लेकर कांग्रेसी रणनीतिकार दिल्ली में मंथन कर रहे हैं. पिछले चुनाव में वामदलों के साथ समझौता करने के बाद भी पार्टी के सभी उम्मीदवार हार गए थे इसलिए इस बार पार्टी रणनीतिकार या तो टीएमसी के साथ समझौता करने के पक्ष में हैं या अकेले मैदान में उतरने की तैयारी हो रही है. चर्चा है कि ममता बनर्जी से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने व्यक्तिगत तौर पर बातचीत की है लेकिन कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के व्यवहार से ममता बनर्जी नाराज हैं इसलिए वे कम से कम सीट देने की बात अनौपचारिक चर्चा में कर रही हैं जिसके कारण बातचीत आगे बढ़ नहीं पा रहा है.ऐसे में पार्टी रणनीतिकारों ने अपने दम पर आगे बढ़ने की रणनीति बनाई है. इसको लेकर दिल्ली में कई दौर की बैठक हो चुकी है.
बिहार में
चौकन्नी हुई कांग्रेस
बिहार विधानसभा में कुल छह विधायकों के ताकत के साथ खड़ी कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगने की संभावना बढ़ गई है. चर्चा है कि छह में से चार विधायक सत्ताधारी दल के संपर्क में चले गए हैं. जिस तरह से जदयू रणनीतिकार अपनी ताकत बढ़ाने के लिए कांग्रेसी विधायकों को अपने पक्ष में लाने की तैयारी कर रहे हैं उससे साफ है कि मकर संक्रांति के बाद बिहार में विधायकों का पाला बदल का बड़ा खेल हो सकता है. संभवतः इसकी आहट भांपते हुए कांग्रेसी रणनीतिकारों ने अपने विधायकों को दिल्ली बुलाकर राहुल गांधी के साथ व्यक्तिगत बैठक कराने की रणनीति बनाई है.
तमिलनाडु व पुडुचेरी में ताकत बढ़ाने में भाजपाई
भाजपाई रणनीतिकार इन दिनों दक्षिण भारत में अपने जनाधार को बढ़ाने के लिए बहुस्तरीय रणनीति के साथ आगे बढ रहे हैं. पिछले कुछ दिनों में गृहमंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु का कई राजनीतिक दौरा करते हुए न सिर्फ पार्टी की ताकत को बढ़ाने के लिए कई क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ बातचीत कर भविष्य में गठबंधन का प्रस्ताव रखा है बल्कि स्थानीय मतदाताओं पर प्रभाव रखने वाले समाजसेवी पृष्ठभूमि के लोगों से भी विस्तृत विमर्श किया है. इतना ही नहीं पुडुचेरी के लिए भी भाजपा ने स्थानीय सहयोगियों के साथ मिलकर ठोस रणनीति बनाई है. इस संबंध में पिछले दिनों एक तमिलनाडु व पुडुचेरी के कई प्रभावशाली नेता व समाजसेवी दिल्ली में भी बैठक कर चुके हैं.
