थलापति विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ पर मंडराया संकट का साया, सेंसर विवाद पर अब 15 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा अपना अंतिम फैसला

मुंबई | 14 जनवरी, 2026: तमिल सुपरस्टार थलापति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज को लेकर कानूनी विवाद गहरा गया है। फिल्म को सेंसर बोर्ड (CBFC) से सर्टिफिकेट मिलने में हो रही देरी के कारण मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुँच चुका है। निर्माताओं ने 18 दिसंबर को फिल्म बोर्ड के सामने पेश की थी, जहाँ परीक्षक समिति ने यू/ए (U/A) सर्टिफिकेट की सिफारिश की थी। हालांकि, कट्स लागू होने के बावजूद बोर्ड ने सर्टिफिकेट जारी करने के बजाय मामला रिवाइजिंग कमेटी को सौंप दिया, जिससे फिल्म की रिलीज अधर में लटक गई।

इस प्रशासनिक देरी के खिलाफ केवीएन प्रोडक्शंस ने मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सेंसर बोर्ड को फटकार लगाते हुए तुरंत सर्टिफिकेट जारी करने का आदेश दिया था, लेकिन उसी दिन डिवीजन बेंच ने इस फैसले पर रोक लगा दी। डिवीजन बेंच का मानना था कि बोर्ड को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। इस अदालती दांव-पेंच से परेशान होकर निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन दायर की है, जिस पर 15 जनवरी को सुनवाई होनी तय है।

‘जन नायकन’ थलापति विजय के करियर की बेहद महत्वपूर्ण फिल्म है, क्योंकि इसे उनकी राजनीति में पूर्णकालिक प्रवेश से पहले की आखिरी फिल्म माना जा रहा है। विजय ने हाल ही में अपनी राजनीतिक पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ की घोषणा की है, जिसके चलते इस फिल्म को लेकर प्रशंसकों में भारी उत्साह है। एच. विनोद द्वारा निर्देशित और पूजा हेगड़े अभिनीत इस फिल्म को 22 देशों में चार भाषाओं में रिलीज करने की तैयारी है। अब पूरी फिल्म इंडस्ट्री की नजरें सुप्रीम कोर्ट के रुख पर टिकी हैं।

Next Post

दीपिका पादुकोण के बाद अब राधिका आप्टे ने बॉलीवुड के 'थकाऊ' वर्किंग आवर्स के खिलाफ बुलंद की आवाज, 12 घंटे से ज्यादा शिफ्ट करने से किया साफ इनकार

Wed Jan 14 , 2026
मुंबई | 14 जनवरी, 2026: बॉलीवुड में काम के घंटों को लेकर चल रही बहस अब और तेज हो गई है। दीपिका पादुकोण द्वारा 8 घंटे की शिफ्ट की मांग के बाद, अब मशहूर अभिनेत्री राधिका आप्टे ने भी फिल्म इंडस्ट्री के थकाऊ वर्किंग कल्चर पर निशाना साधा है। राधिका […]

You May Like