मुंबई | 14 जनवरी, 2026: बॉलीवुड में काम के घंटों को लेकर चल रही बहस अब और तेज हो गई है। दीपिका पादुकोण द्वारा 8 घंटे की शिफ्ट की मांग के बाद, अब मशहूर अभिनेत्री राधिका आप्टे ने भी फिल्म इंडस्ट्री के थकाऊ वर्किंग कल्चर पर निशाना साधा है। राधिका ने एक साक्षात्कार में खुलासा किया कि इंडस्ट्री में कलाकारों से बिना सवाल किए 14 से 16 घंटे काम करने की उम्मीद की जाती है, जो न तो स्वास्थ्य के लिए ठीक है और न ही नैतिकता के लिहाज से सही। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सिस्टम के कारण उन्हें कई बड़े प्रोजेक्ट्स तक छोड़ने पड़े हैं।
राधिका आप्टे ने विशेष रूप से कामकाजी माता-पिता (वर्किंग पेरेंट्स) की समस्याओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार से यह उम्मीद करना गलत है कि वह पूरे हफ्ते अपने बच्चे को देखे बिना लगातार शूटिंग करता रहे। उन्होंने नैनी रखने या बच्चे को सेट पर लाने जैसे सुझावों को व्यावहारिक समाधान मानने से इनकार कर दिया। राधिका के अनुसार, फिल्म इंडस्ट्री को ‘पेरेंट्स फ्रेंडली’ बनाने के लिए सबसे पहले काम के घंटों को तर्कसंगत बनाना होगा, ताकि कलाकार अपने परिवार और बच्चों के लिए समय निकाल सकें।
अपनी शर्तों पर अडिग रहते हुए राधिका ने बताया कि अब वे 12 घंटे से ज्यादा की शिफ्ट (जिसमें मेकअप और ट्रैवल शामिल हो) के लिए राजी नहीं होतीं। वे हफ्ते में 5 दिन काम और नियमित वीकली ऑफ की मांग करती हैं। राधिका ने स्वीकार किया कि इन सख्त नियमों के कारण कई निर्माता उनसे नाराज रहते हैं और उनके हाथ से कई फिल्में चली जाती हैं। बावजूद इसके, वे मानती हैं कि मानसिक संतुलन और सेहत से समझौता कर काम करना सही नहीं है। उनकी यह बेबाक राय पूरी इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संदेश है।

