जबलपुर:संत शिरोमणी आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य एवं गुणायतन प्रणेता मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज के पाँच वर्ष के अंतराल पश्चात् जबलपुर आगमन पर नगर में ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। शिवनगर दिगम्बर जैन मंदिर से सकल जैन समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो विभिन्न मार्गों से होती हुई आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, गोलबाजार में संपन्न हुई। शोभायात्रा में ऊँट, अश्व, दुलदुल घोड़ी, घमाल व बैंड शामिल रहे। पुरुष श्वेत वस्त्रों में एवं अखिल भारतीय महिला परिषद की 16 शाखाओं की श्राविकाएँ रंग-बिरंगे परिधानों में सहभागी रहीं। विभिन्न स्थानों पर दिगम्बर जैन संस्थाओं एवं समाजजनों ने मुनि श्री की आरती व पाद प्रक्षालन कर स्वागत किया।
गुरु वचनों को श्रद्धा से सुनना ही सच्चे श्रावक की पहचान
प्रातःकाल मुनि श्री के मुखारविंद से शांति धारा पाठ एवं पूजन-अभिषेक हुआ। उपदेश में मुनि श्री ने “सुनो, मानो और ठानो” का महत्व बताते हुए कहा कि गुरु वचनों को श्रद्धा से सुनना ही सच्चे श्रावक की पहचान है। मुनि श्री को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य कल्लूलाल, शैलेष शशांक, ईशान जैन (बरगीवाला परिवार) एवं प्रमोद कुमार विवेक जैन (केवलारी) को प्राप्त हुआ। पाद प्रक्षालन नितिन (तारादेही), अशोक जैन एवं सचिन कुमार ने किया।
ये रहे उपस्थित
शोभायात्रा में पूर्व राज्यमंत्री शरद जैन, विधायक लखन घनघोरिया, विधायक अभिलाष पांडे, पार्षद अतुल दानी, दिगम्बर जैन पंचायत सभा अध्यक्ष कैलाशचंद जैन, अनिल गुड्डा, सतीश वर्धमान, मुकेश फड़ीस, सुजीत भाऊ, शैलेश चौधरी, नितिन बोटिया, शुभम जैन, सुबोध कामरेड, प्रफुल्ल जैन, सुरेन्द्र जैन, शैलेष आदिनाथ, प्रकाश पटेल, राकेश चौधरी, सत्येन्द्र जैन (जुग्गू) एवं संजय सिंघई सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
