नई दिल्ली | 13 जनवरी, 2026: बढ़ती महंगाई के दौर में रिटायरमेंट के बाद आर्थिक आजादी के लिए सही वित्तीय योजना बनाना अनिवार्य हो गया है। बाजार के जोखिमों से दूर रहते हुए यदि आप सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न चाहते हैं, तो बैंक की रिकरिंग डिपॉजिट (RD), फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (MIS) का संयोजन सबसे कारगर है। यह रणनीति न केवल आपको बुढ़ापे में किसी पर निर्भर होने से बचाती है, बल्कि आपकी मूल पूंजी को भी पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए उम्र भर के लिए एक निश्चित मासिक आय का रास्ता खोल देती है।
निवेश का गणित समझाते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि यदि 30 वर्ष की आयु से प्रति माह ₹5000 की RD शुरू की जाए, तो 6% ब्याज दर के साथ 20 वर्षों में यह एक बड़े कॉर्पस में बदल सकता है। पहले 10 वर्षों के जमा फंड को FD में स्थानांतरित करने और साथ ही दूसरी RD जारी रखने से, चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding Interest) का लाभ मिलता है। इस अनुशासित निवेश प्रक्रिया से 20 वर्षों के अंत में आपके पास लगभग ₹32.59 लाख की विशाल राशि जमा हो जाएगी, जो आपके बुढ़ापे का मजबूत सहारा बनेगी।
एक बार जब आपके पास ₹32 लाख से अधिक का फंड तैयार हो जाता है, तो उसमें से ₹15 लाख पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (MIS) में निवेश किए जा सकते हैं। वर्तमान ब्याज दरों के अनुसार, इस संयुक्त निवेश पर आपको हर महीने लगभग ₹9250 की निश्चित आय होने लगेगी। खास बात यह है कि इस मासिक कमाई के बावजूद आपकी बाकी बची हुई ₹17 लाख से अधिक की राशि सुरक्षित रहेगी, जिसे आप पुनः FD या आपातकालीन कोष के रूप में रख सकते हैं। यह पूरा मॉडल सरकारी गारंटी युक्त होने के कारण वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प है।

