सीधी: जिले की रेत खदानों का संचालन कब शुरू होगा, इसे लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। सीधी जिले की रेत खदानों की नीलामी के बाद संविदाकार मेसर्स श्री सहकार ग्लोबल लिमिटेड द्वारा खदानों का संचालन प्रारंभ न किए जाने और इससे जुड़े मामलों के उच्च न्यायालय में लंबित रहने से बीते एक वर्ष से रेत आपूर्ति प्रभावित है।जानकारी के अनुसार निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बावजूद रेत खदानों का संचालन शुरू नहीं हो सका।
इस संबंध में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि संविदाकार और मप्र खनिज राज्य निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली के चलते मामला न्यायालय में उलझा हुआ है। इससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं आम नागरिकों को अन्य जिलों से महंगे दामों पर रेत खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।
हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता आर.बी. सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका क्रमांक 39957/2024 में प्रमुख सचिव खनन एवं खनिज विभाग, प्रबंध निदेशक मप्र खनिज राज्य निगम, मेसर्स श्री सहकार ग्लोबल लिमिटेड एवं कलेक्टर सीधी को प्रतिवादी बनाया गया है। वहीं संविदाकार द्वारा भी अलग से याचिका दायर की गई है।
जिले में करीब डेढ़ दर्जन रेत खदानें होने और पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद संचालन न होने से रेत की कीमतें लगातार बढ़ी हुई हैं, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं और आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इनका कहना है
सीधी जिले की रेत खदानों का मामला अभी हाईकोर्ट में लंबित है। हाईकोर्ट के निर्णय के बाद ही रेत खदानों का संचालन हो पायेगा।
कपिलमुनि शुक्ला, खनिज अधिकारी सीधी
