प्रिंस ग्रुप के संस्थापक चेन झी को कंबोडिया में गिरफ्तार कर चीन भेज दिया गया है। उन पर अरबों डॉलर के अंतरराष्ट्रीय साइबर घोटाले और जबरन श्रम गिरोह चलाने का संगीन आरोप है।
चीनी-कंबोडियाई युवा अरबपति चेन झी की हालिया गिरफ्तारी ने वैश्विक व्यापार जगत और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच हलचल मचा दी है। कंबोडियाई समूह ‘प्रिंस ग्रुप’ के संस्थापक चेन पर दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट चलाने का गंभीर आरोप है।
कंबोडिया द्वारा उसकी नागरिकता छीनने और उसे चीन प्रत्यर्पित करने के बाद एक ऐसे साम्राज्य का पतन हो गया है जिसने रियल एस्टेट से लेकर बैंकिंग तक अपना जाल फैलाया था। अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार, चेन का यह संगठन केवल एक व्यापारिक समूह नहीं, बल्कि एशिया के सबसे खूंखार अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठनों में से एक था।
