
छिंदवाड़ा। कोल्ड सिरप कांड के बाद जहां प्रशासन ने शहर के शिशु रोग विशेषज्ञों पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया, वहीं परासिया विधानसभा क्षेत्र आज भी शिशु रोग विशेषज्ञ से वंचित है। यह विरोधाभास अब गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
परासिया सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपने बच्चों के इलाज के लिए मजबूरी में छिंदवाड़ा या नागपुर का रुख करना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह स्थिति बेहद कठिन साबित हो रही है। समय पर इलाज नहीं मिलने से बच्चों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर प्रशासन की लापरवाही अब जनता के आक्रोश का कारण बनती जा रही है। लंबे समय से शिशु रोग विशेषज्ञ का पद खाली होने के बावजूद नियुक्ति नहीं होना क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ा रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने कलेक्टर, छिंदवाड़ा को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल शिशु रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की मांग की। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही पदस्थापना नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष कमल राय, ब्लॉक समन्वयक बसंत मालवीय, अलाउद्दीन खान, महामंत्री विवेक मिश्रा, राजा राय (क्षेत्रीय अध्यक्ष) एवं आनंद बेलवंशी (एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष) उपस्थित रहे।
