इंदौर: भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई जलजनित घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किए जा रहे कार्यों से स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है. गुरूवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भागीरथपुरा के प्रभावित क्षेत्र में सघन दौरा किया. कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भागीरथपुरा के प्रभावित क्षेत्रों में उल्टी दस्त के जो मरीज स्वस्थ होकर लोटे थे, उनका फालोअप किया गया है.
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा गुरूवार को भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र में 1750 घरों में किट प्रदान की गई, जिसमें लगभग 6245 सदस्य लाभांवित हुए. प्रत्येक किट में 10 पैकेट ओ.आर.एस. तथा 30 गोलियां जिंक की हैं. कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशानुसार क्षेत्र में 02 एम्बुलेंस लगाई गई हैं. 24&7 चिकित्सकों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है.
मरीजों को एमवाय चिकित्सालय, अरविंदों अस्पताल तथा बच्चों को चाचा नेहरु अस्पताल में रेफर किया जा रहा है. जो मरीज निजी चिकित्सालयों में जा रहें हैं, वहाँ पर भी निःशुल्क उपचार, जॉच एवं औषधि की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा करायी गई है. गुरूवार को प्रभावित क्षेत्र में प्रचार-प्रसार सामग्री का वितरण किया गया, जिसमें उल्टी-दस्त से बचाव के बारे में जानकारी प्रदान की गई है. गुरूवार की शाम तक डायरिया के 23 मरीज ओ.पी.डी. में आए, जिसमें से 6 रेफरल किए गए है। ओ.पी.डी. में आए मरीजों में यह भी पाया गया है कि मरीज दवाईयों का डोज पूरा नहीं कर रहे हैं.
अस्पताल में भर्ती हैं 10 मरीज
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने प्रभावित क्षेत्र की जनता से अपील की है कि वे चिकित्सकों द्वारा निर्धारित दवाईयों का डोज आवश्यक रूप से पूर्ण करें. वर्तमान में अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या 50 है, जिसमें से आईसीयू में भर्ती मरीजों की संख्या 10 है।
