
परासिया। चांदामेटा के शासकीय अस्पताल में एक बार फिर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। मंगलवार देर रात लगभग डेढ़ बजे अस्पताल में भर्ती दो दिन के नवजात शिशु की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और स्टाफ पर लापरवाही व अवैध वसूली के आरोप लगाए।
जानकारी के अनुसार चरई निवासी यदुवंशी परिवार ने 4 जनवरी को प्रसव के लिए महिला को चांदामेटा के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया था। 5 जनवरी को प्रसव कराया गया, लेकिन जन्म के बाद से ही नवजात की हालत सामान्य नहीं थी। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने बार-बार ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ से बच्चे को रिफर करने की मांग की, लेकिन ड्यूटी डॉक्टर ने यह कहकर टाल दिया कि “सब कुछ ठीक है।”
मंगलवार की रात अचानक बच्चे की हालत बिगड़ी और इलाज के अभाव में नवजात ने दम तोड़ दिया। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने शव को अस्पताल परिसर में रखकर प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश दी।
मृतक नवजात के पिता ने आरोप लगाया कि प्रसव से पहले अस्पताल के स्टाफ और सफाई कर्मियों द्वारा उनसे करीब 4 हजार रुपये की अवैध वसूली की गई थी। मामले ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौरतलब है कि चांदामेटा शासकीय अस्पताल में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी एक महिला के शरीर में कपड़ा छूट जाने का गंभीर मामला सामने आया था, जो काफी चर्चित रहा। हालांकि उस प्रकरण में भी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। नतीजतन अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही लगातार आम लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।
अब देखना यह है कि इस गंभीर मामले में जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई होती है या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
