इंदौर:भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से मौत का आंकड़ा थम नहीं रहा है. यह आंकड़ा बढक़र अब 18 तक पहुंच गया है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से एक मौत आज मंगलवार को सामने आई है. जबकि यह मौत 2 जनवरी को हुई थी. परिजनों का कहना है कि पारिवारिक कारणों के चलते वे समय पर प्रशासन को सूचना नहीं दे पाए, जिस वजह से यह मामला देर से उजागर हुआ.
भागीरथपुरा निवासी 70 वर्ष से अधिक उम्र की हरकुंवर बाई की तबीयत 30 दिसंबर की रात अचानक बिगड़ गई थी. घर में नल से आ रहे पानी का सेवन करने के बाद उन्हें तेज उल्टी और दस्त शुरू हो गए. हालत बिगडऩे पर परिजन घबरा गए, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण वे तत्काल शिकायत दर्ज नहीं करा सके. 2 जनवरी को महिला की मौत हो गई.
मृतका की बेटी निर्मला ने बताया कि परिवार में तीसरे का कार्यक्रम चल रहा था, इसी वजह से प्रशासन और नगर निगम को तत्काल सूचना नहीं दी जा सकी. उन्होंने कहा कि उसी समय इलाके में कई लोग बीमार पड़ रहे थे, लेकिन घर की स्थिति के चलते वे इस घटना को सार्वजनिक नहीं कर पाए. बाद में जब हालात सामान्य हुए, तब जाकर उन्होंने अपनी बात रखी. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर हर मामले की समय पर जानकारी सामने आती तो स्थिति की गंभीरता पहले ही साफ हो जाती. अब सवाल यह भी उठ रहा है कि दूषित पानी से हो रही मौतों का वास्तविक आंकड़ा इससे ज्यादा तो नहीं है.
