इंदौर: हत्या के एक प्रकरण में आरोपी को राहत दिलाने और बरी कराने के नाम पर रिश्वत मांगने के मामले में लोकायुक्त पुलिस इंदौर की कार्रवाई अब कोर्ट तक पहुंच गई है. प्रकरण में शासकीय अभिभाषक और न्यायालय में पदस्थ प्रधान आरक्षक की भूमिका सामने आने के बाद लोकायुक्त ने विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र पेश कर दिया है.लोकायुक्त अधिकारी सुनिल तालान ने बताया कि आरोपी शासकीय अभिभाषक दिग्विजय सिंह राठौड़, जो अपर सत्र न्यायालय सरदारपुर जिला धार में पदस्थ थे, और प्रधान आरक्षक जयसिंह डामोर, जो न्यायालय सरदारपुर में कोर्ट मुहर्रिर के पद पर कार्यरत थे, के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी.
शिकायतकर्ता रालू डावर निवासी ग्राम भाटी खोदरा, थाना अमक्षेरा जिला धार है, जिसके विरुद्ध हत्या का मामला न्यायालय में विचाराधीन है. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि केस में मदद करने और आरोपी को बरी कराने के एवज में 50 हजार की रिश्वत की मांग की गई. इस संबंध में शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में आवेदन दिया था. शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए.
जांच में यह तथ्य सामने आया कि शासकीय अभिभाषक दिग्विजय सिंह राठौड़ ने रिश्वत की राशि में से 10 हजार प्रधान आरक्षक जयसिंह डामोर के माध्यम से लेने की व्यवस्था करवाई. इसके बाद लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने 3 मार्च 2020 को जाल बिछाकर आरोपी प्रधान आरक्षक जयसिंह डामोर को 10 हजार की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. मामले की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद लोकायुक्त पुलिस द्वारा तैयार अभियोग पत्र मंगलवार 6 जनवरी को विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम धार में प्रस्तुत कर दिया, अब इस मामले में विशेष न्यायालय में आगे की सुनवाई की जाएगी.
