ग्वालियर। हाईकोर्ट में लापरवाही बरतने पर सब इंस्पेक्टर देशराज सिंह और प्रधान आरक्षक श्रीराम शर्मा को निलंबित कर दिया है। कोर्ट ने उनके आचरण पर नाराजगी जताते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह को तलब किया था। एसपी ने कोर्ट को यह जानकारी दी है।
दरअसल, युगल पीठ में सुनवाई के दौरान जब एसआई देशराज सिंह से उनकी नेम प्लेट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जैकेट की चेन खोलकर दिखाई। वहीं, प्रधान आरक्षक श्रीराम शर्मा से रोजनामचा के बारे में जानकारी मांगने पर उन्होंने जेब से मोबाइल फोन निकालना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों के इस आचरण पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह को तलब किया था। कोर्ट में उपस्थित हुए एसपी ने बताया कि नेम प्लेट जैकेट के बाहर होनी चाहिए। उन्होंने दोनों पुलिसकर्मियों के मिसकंडक्ट के लिए विभागीय जांच की जानकारी न्यायालय में पेश की, जिसके बाद दोनों को निलंबित कर दिया गया।
यह मामला एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से जुड़ा है। एक पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी को मोटा धानुक अपने साथ ले गया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता पल्लव त्रिपाठी ने तर्क दिया कि पुरानी छावनी थाने में शिकायत के बावजूद पुलिस नाबालिग को बरामद नहीं कर पाई और न ही उसकी तलाश के लिए पर्याप्त प्रयास किए गए। इस मामले की जांच कर रहे एसआई और प्रधान आरक्षक को कोर्ट ने तलब किया था। पुलिस द्वारा की गई जांच में कई खामियां पाई गईं। इसके अलावा, न्यायालय में दोनों पुलिसकर्मियों का रवैया भी ठीक नहीं था। कोर्ट ने टिप्पणी की कि पुलिस अधिकारियों को न्यायालय में कैसे उपस्थित होना चाहिए, इसका उन्हें कोई शिष्टाचार नहीं है।
