
बैतूल। जिले में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। गंज थाना क्षेत्र में 80 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी से 23 लाख 50 हजार रुपए की धोखाधड़ी की गई है। जिसकी शिकायत पीडि़त ने की है। शिकायत पर पुलिस ने धारा 318(4), 308 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस जनसंपर्क अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार बसंत कुमार मैदमवार निवासी विनायक रेसिडेंसी ऑयल मिल के पास बैतूल, जो भारतीय स्टेट बैंक से हेड कैशियर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, उन्होंने मंगलवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया कि ठगी की शुरुआत 27 नवंबर 2025 को हुई, जब बसंत कुमार के मोबाइल पर एक वॉट्सऐप वीडियो कॉल आया। कॉल स्क्रीन पर दिल्ली पुलिस लिखा दिखाई दिया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस अधिकारी बताया और दावा किया कि पीडि़त के आधार कार्ड से दिल्ली में एक सिम कार्ड जारी किया गया है, जिसका उपयोग ब्लैकमेलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों में हुआ है। ठगों ने पीडि़त को यह भी बताया कि उनके खिलाफ दिल्ली क्राइम ब्रांच में एफआईआर दर्ज की गई है और उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया है। उन्होंने लगातार कॉल करके बसंत कुमार को मानसिक रूप से डराया और गिरफ्तारी से बचने तथा खातों की जांच के बहाने पैसे ट्रांसफर करने को कहा। डर के कारण, बसंत कुमार ने 1 दिसंबर 2025 को अपने एसबीआई खाते से 13.50 लाख रुपए यस बैंक खाते में और 10 लाख रुपए फिनो बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। उन्हें इस ठगी का पता तब चला जब वे बैंक में गोल्ड लोन लेने पहुंचे और बैंक प्रबंधक ने उन्हें धोखाधड़ी के बारे में जानकारी दी। इसके बाद, पीडि़त ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गंज थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
