नई दिल्ली | 06 जनवरी, 2026: भारतीय क्रिकेट को विश्व पटल पर सुनहरे अक्षरों में दर्ज कराने वाले महान ऑलराउंडर कपिल देव आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। 6 जनवरी 1959 को चंडीगढ़ में जन्मे कपिल देव ने न केवल एक घातक तेज गेंदबाज बल्कि एक विध्वंसक बल्लेबाज के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। उनके करियर का सबसे स्वर्णिम क्षण 1983 का विश्व कप रहा, जहाँ उनकी कप्तानी में भारत ने दो बार की विश्व विजेता वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार विश्व कप खिताब जीता था। आज भी उन्हें भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे बेहतरीन और प्रभावशाली ऑलराउंडर माना जाता है।
कपिल देव के करियर की सबसे अविश्वसनीय पारी 18 जून 1983 को आई, जब जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत ने महज 17 रन पर 5 विकेट खो दिए थे। ऐसे संकट के समय कप्तान ने मोर्चा संभाला और महज 138 गेंदों में 175 रनों की नाबाद पारी खेलकर क्रिकेट जगत को स्तब्ध कर दिया। दुर्भाग्य से उस दिन बीबीसी की हड़ताल के कारण इस ऐतिहासिक पारी का कोई वीडियो फुटेज उपलब्ध नहीं है, लेकिन क्रिकेट प्रेमी इसे आज भी ‘सदी की सर्वश्रेष्ठ पारी’ मानते हैं। इसी मैच ने भारतीय टीम में वो आत्मविश्वास भरा था जिसने अंततः उसे विश्व विजेता बनाया।
कपिल देव टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 5,000 रन बनाने और 400 विकेट लेने वाले पहले खिलाड़ी बने। उनके नाम 131 टेस्ट में 434 विकेट और 5,248 रन दर्ज हैं, जबकि वनडे में उन्होंने 253 विकेट झटके हैं। खेल में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण, पद्म श्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इतना ही नहीं, भारतीय प्रादेशिक सेना ने उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि भी प्रदान की है। कपिल देव आज भी करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं और उनके नेतृत्व की शैली भारतीय क्रिकेट के लिए एक मिसाल है।

