उज्जैन: फ्रीगंज ओवरब्रिज के समानांतर प्रस्तावित नए फोरलेन ब्रिज के निर्माण की तैयारियों के तहत रेलवे ने अपने हिस्से का अहम कार्य पूरा कर लिया है. सोमवार को ब्रिज पर आवागमन बना रहा.नवभारत ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था कि 5 जनवरी सोमवार को पुराने फुटओवर ब्रिज को पूरी तरह हटा दिया जाएगा. करीब डेढ़ सौ साल पुराने फ्रीगंज ओवरब्रिज के समीप स्थित लगभग 45 वर्ष पुराना यह फुटओवर ब्रिज अब नए निर्माण की योजना के चलते अपनी उपयोगिता खो चुका था, इसलिए इसे हटाने का निर्णय लिया गया.
एक दर्जन क्रेन बुलवाई
सोमवार को फुटओवर ब्रिज की गर्डर हटाने के लिए आधा दर्जन से अधिक क्रेन मौके पर बुलाई गईं. एक दर्जन से अधिक अधिकारी, कर्मचारी और इंजीनियरों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद गर्डर को सुरक्षित तरीके से हटाया. इस दौरान ब्रिज पर आवागमन पूरी तरह बंद रखा गया. रेलवे द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से लगभग दो घंटे तक कई ट्रेनों का संचालन भी रोका गया, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा.
वैकल्पिक मार्गों से निकले लोग
शहर में भी यातायात व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया गया. फ्री गंज ओवरब्रिज से होकर गुजरने वाला आवागमन बंद रहा, वहीं चामुंडा माता चौराहा और फ्रीगंज की ओर जाने वाले मार्ग भी अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए. मौके पर माधवनगर थाना पुलिस, देवास गेट थाना पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे के अधिकारियों ने मोर्चा संभाले रखा. पूरे क्षेत्र में बेरिकेडिंग की गई, स्टॉपर लगाए गए और ब्रिज के नीचे की सड़क भी बंद रखी गई ताकि कार्य के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो. करीब दो घंटे में कार्य पूरा होने के बाद यातायात को पुनः सुचारू रूप से प्रारंभ कर दिया गया.
92 करोड़ से नया ब्रिज
सेतु विकास निगम के कार्यपालन यंत्री पी.एस. पंत ने नवभारत से चर्चा में बताया कि जयपुर की चैतन्य कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा लगभग 92 करोड़ रुपये की लागत से यह नया फोरलेन ब्रिज बनाया जा रहा है. यह ब्रिज चामुंडा माता चौराहा और नगर वन चौराहे से शुरू होकर पुराने फ्रीगंज ओवरब्रिज के समानांतर विनोदालय, कुष्ठ बस्ती के आगे से होते हुए स्टडी होम स्कूल के पास मक्सी रोड जीरो पॉइंट ब्रिज तक पहुंचेगा. इसके साथ ही नई समानांतर ब्रिज की दूसरी शाखा ग्रैंड होटल–ग्रैंड टावर के सामने से टावर चौक तक जाएगी.
पुराना ब्रिज तोड़ देंगे
इधर, सिंहस्थ 2028 के बाद पुराने फ्रीगंज ओवरब्रिज को भी तोड़ने की योजना है. फिलहाल सिंहस्थ आयोजन तक पुराने ब्रिज का उपयोग जारी रहेगा। नए ब्रिज के निर्माण से शहर की यातायात व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं व आम नागरिकों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी
