धर्मांतरण आरोप और जर्जर भवन को लेकर भूमिका कटघरे में
जबलपुर: हवा बाग चर्च में 20 दिसंबर को हुई कथित धर्मांतरण की घटना को लगभग 15 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक निष्पक्ष जांच न होने के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि शासकीय दृष्टिबाधित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य पद पर बने रहकर जांच को प्रभावित कर रहे हैं और बयानों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है। मामले में यह भी कहा गया है कि जब तक प्रभारी प्राचार्य शिवेंद्र सिंह परिहार को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। सूत्रों के अनुसार 19 दिसंबर को चर्च जाने वाले छात्रों की जानकारी से इनकार किया गया, जबकि उसी दिन शाम 5 से 7 बजे के बीच संबंधित संयोजक से मुलाकात कार्यालय स्टाफ के सामने हुई थी, जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से संभव बताई जा रही है।
बिना अनुमति विद्यालय परिसर में हुआ भंडारा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 1 जनवरी 2026 को विद्यालय परिसर के साईं मंदिर में समिति द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसकी अनुमति न तो विभाग से ली गई और न ही स्कूल प्रशासन से। इसे भी गंभीर अनियमितता मानते हुए संज्ञान में लेने की मांग की गई है।
जर्जर भवन से छात्रावास अभी तक नहीं किया शिफ्ट
विद्यालय भवन के जर्जर होने के बावजूद छात्रावास को प्रभारी प्राचार्य द्वारा किराए की इमारत में शिफ्ट न किए जाने से अभिभावकों में भय का माहौल है, जिससे छात्र नामांकन प्रभावित हो रहा है। फरवरी–मार्च में होने वाली परीक्षाओं को देखते हुए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जिसको लेकर कुछ विभाग के कुछ कर्मचारियों द्वारा आरोप लगाते हुए मामले की शीघ्र, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
