ग्वालियर:अंबेडकर फोटो विवाद से जुड़े मामले में एडवोकेट अनिल मिश्रा पर क्राइम ब्रांच में दर्ज एफआईआर के फरियादी दलित नेता मकरंद बौद्ध को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब वह इसी केस के सिलसिले में विश्वविद्यालय थाने पहुंचा था। फरियादी के खिलाफ वर्ष 2016-17 में धरना प्रदर्शन के दौरान आईपीसी की धारा 188 (लोकसेवक के आदेश की अवहेलना) के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
पुलिस ने गिरफ्तारी वारंट की तामील के लिये उसे न्यायालय में पेश किया गया। जहां से अदालत ने उसका जेल वारंट जारी कर दिया। दलित नेता के जेल जाने के बाद अब अंबेडकर फोटो विवाद में दोनों पक्ष बराबर हो गये है। कुछ लोग दोनो पक्षों की गिरफ्तारी को पुलिस द्वारा शांति बहाल करने के लिये सोची समझी रणनीति भी मान रहे हैं। विश्वविद्यालय थाने पर दलित नेता मकरंद बौद्ध एक मामले में बातचीत करने के लिये पहुंचा था।
तभी टीआई रविन्द्र कुमार को एक सिपाही ने बताया कि मकरंद बौद्ध 2016-17 में आईपीसी की धारा 188, 146 में आरोपी था। इस मामले में वह लगातार न्यायालय में नहीं पहुंच रहा है। जिस पर उसके वारंट जारी हो रहे थे। अभी उसका गिरफ्तारी वारंट कुछ दिन पहले ही जारी किया गया है। इस पर तुरंत विश्ववि़द्यालय टीआई ने अपनी टीम को निर्देश दिया कि मकरंद बौद्ध का गिरफ्तारी वारंट तामिल कराया जाये। मकरंद की गिरफ्तारी और जेल भेजने को दलित संगठन पुलिस की साजिश बता रहे है।
