इंदौर: भागीरथपुरा क्षेत्र में कोलकत्ता, दिल्ली और भोपाल से विशेषज्ञ डॉक्टर्स की टीम के साथ कलेक्टर ने मंथन किया. इसके बाद कलेक्टर ने क्षेत्र में स्थित सभी बोरिंगों और घरों में बनी पानी टंकी को क्लीन कर क्लोरिनेशन लगने का निर्णय लिया. क्लोरिनेशन के बाद ही क्षेत्र के लोगों को बोरिंगों के पानी का इस्तेमाल करने के हिदायत दी है.
भागीरथपुरा क्षेत्र में संक्रमण पानी की घटना को लेकर स्मार्ट सिटी कार्यालय में कलेक्टर शिवम वर्मा ने बैठक ली.
बैठक में कलेक्टर ने भागीरथपुरा में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि शहर में जीबीएस (गुइलेन-बैरे सिंड्रोम) बीमारी का कोई भी मरीज नहीं मिला है. भागीरथपुरा में कोलकत्ता,दिल्ली और भोपाल से आए डॉक्टरों के साथ नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और संबंधित विभागों द्वारा मिलकर पानी की जाँच कर रही है. जहां दूषित पानी पाया मिलेगा, उसे चिन्हित कर उचित प्रबंध करने के आदेश दिए है. साथ ही क्षेत्रीय नागरिकों को भी जागरुक किया जा रहा है कि वे अपने बोरिंग और होज का क्लोरिनेशन कराने में सहयोग दें. इसके लिए भागीरथपुरा को 30 से अधिक बीटों में बांटा किया गया. हर बीट में कर्मचारियों और नागरिकों के साथ मिलकर क्लोरिनेशन का कार्य किया जाएगा.
यह हुए शामिल
बैठक में अपर कलेक्टर नवजीवन पंवार, कोलकत्ता के वैज्ञानिक डॉ. प्रमित घोष, वैज्ञानिक डॉ.गौतम चौधरी और दिल्ली के एनसीडीसी के डॉ.अनुभव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.माधव हसानी, डॉ.अश्विन भागवत, डॉ.अभिजीत प्रकार, डॉ.सविता अखण्ड, डॉ. सैलविया, शैलेंद्रकुमार, डॉ.अंशुल मिश्रा,डॉ.रूपामी जोशी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.
दल दूषित पानी की जाँच करेगा
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि कोलकत्ता से आये वैज्ञानिक डॉ.प्रमित घोष और वैज्ञानिक डॉ. गौतम चौधरी दूषित जल के सेम्पल लेकर उसकी वैज्ञानिक तरीके से जांच करेंगे. इसके लिए उक्त टीम भागीरथपुरा में पानी के रेण्डम सेम्पल एकत्रित करेगी. इस कार्य में उक्त टीम नगर निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेगी. इसका मकसद नागरिकों को शुद्ध जल उपलब्ध कराना है.
साथ ही घटना के हर पहलुओं की निगरानी कर कारण तलाशने में मदद करेगी. कलेक्टर वर्मा ने कहा कि दूषित पेयजल से विभिन्न अस्पतालों में प्रभावितों का बेहतर उपचार किया जा रहा है. उन्हें आवश्यक दवाइयाँ,इंजेक्शन आदि प्रदान किए जा रहे हैं. कलेक्टर ने कहा कि शहर के जिन क्षेत्रों में दूषित पानी की शिकायतें मिल रही हैं, वहाँ पानी के रेण्डम सैम्पल लिए जा रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग आदि विभाग के कर्मचारी द्वारा घर-घर जाकर सर्वे करने का कार्य भी जारी है
