नयी दिल्ली, 04 जनवरी (वार्ता) थल सेना प्रमुख (सीओएएस), जनरल उपेंद्र द्विवेदी रविवार को संयुक्त अरब अमीरात और श्रीलंका की चार दिवसीय यात्रा पर रवाना हुये। जनरल द्विवेदी की यात्रा विदेशी मित्र राष्ट्रों के साथ रक्षा सहयोग एवं सैन्य संबंधों को मजबूत करने की भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। उनकी यात्रा 05 से 08 जनवरी तक है।
जनरल द्विवेदी का यह दौरा पांच-छह जनवरी को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)में प्रमुख कार्यक्रमों के साथ शुरू होगा। जनरल द्विवेदी के आगमन पर यूएई थल सेना द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। अपने यूएई प्रवास के दौरान, सेना प्रमुख यूएई सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे, जिसमें यूएई थल सेना के कमांडर भी शामिल हैं।
जनरल द्विवेदी यूएई सेना की संरचना, भूमिकाओं एवं क्षमताओं की जानकारी प्राप्त करेंगे। वह प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों का दौरा करेंगे और अधिकारियों एवं सैनिकों से बातचीत करेंगे, जो भारत एवं संयुक्त अरब अमीरात के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी को दर्शाता है। उनके कार्यक्रम में यूएई के राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय का दौरा भी शामिल है जहां भारतीय सेना प्रमुख सभी अधिकारियों को संबोधित करेंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग, पेशेवर सैन्य संबंध एवं रणनीतिक समझ को और मजबूत करना है।
यूएई की यात्रा के बाद, जनरल द्विवेदी सात-आठ जनवरी को श्रीलंका के दौरे पर रहेंगे। जहां श्रीलंकाई सेना द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। वह श्रीलंकाई सेना के कमांडर, रक्षा उप मंत्री एवं रक्षा सचिव सहित वरिष्ठ सैन्य एवं नागरिक नेतृत्व के साथ बातचीत करेंगे। जनरल द्विवेदी श्रीलंका में प्रशिक्षण सहयोग, क्षमता निर्माण एवं क्षेत्रीय सुरक्षा सहित दोनों देशों के पारस्परिक हितों वाले विषयों पर विस्तृत चर्चा करेंगे।
अपनी यात्रा के दौरान, सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी श्रीलंका के रक्षा सेवा कमान एवं स्टाफ कॉलेज (डीएससीएससी) में अधिकारियों को संबोधित करेंगे और बुट्टाला स्थित सेना युद्ध कॉलेज में अधिकारियों एवं प्रशिक्षुओं के साथ बातचीत करेंगे, जो श्रीलंका के साथ रक्षा शिक्षा एवं पेशेवर सैन्य आदान-प्रदान के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को उजागर करता है। जनरल द्विवेदी आईपीकेएफ युद्ध स्मारक जाकर भारतीय सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
जनरल द्विवेदी की यूएई एवं श्रीलंका की यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र एवं पश्चिम एशिया में मित्र राष्ट्रों के साथ रक्षा सहयोग को मजबूत करने, आपसी विश्वास को बढ़ावा देने एवं अंतर-संचालनीयता को बढ़ाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
