
टीकमगढ़। पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने विभागीय अनुशासन के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए 26 अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई अस्थायी/प्रभारी पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार को आधिकारिक पत्राचार में प्रभारी पुलिस अधीक्षक न लिखने के मामले में की गई है। एसपी ने सभी संबंधित कर्मचारियों से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। निर्धारित समय-सीमा में जवाब नहीं देने पर एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जानकारी के अनुसार, एसपी मनोहर सिंह मंडलोई 1 से 26 दिसंबर तक प्रशिक्षण पर थे। इस दौरान शिवपुरी स्थित 18वीं वाहिनी के सेनानी आलोक कुमार को टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। बावजूद इसके, अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों ने आधिकारिक पत्राचार में आलोक कुमार के नाम के साथ प्रभारी पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ अंकित नहीं किया और सीधे पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ पदनाम का उपयोग किया।
इसी को लेकर जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रक्रिया नियमों के विपरीत है। नोटिस पाने वालों में कनक सिंह चौहान, कैलाश पटेल, भागीरथ प्रजापति, रामाचार त्रिपाठी, रत्नेश तिवारी, मयंक नगाइच, एस.एस. हसन, अंकित खरे, लक्ष्मीकांत कड़ा, गौरव घोष, उमाशंकर विश्वकर्मा, विवेक त्रिपाठी, मीनू दुबे, महेश साहू, प्रमोद शर्मा, उमाकांत तिवारी, चन्द्रभान रैकयार, नजमा खान, गीता भट्ट, राकेश मिश्रा, माया जैन, अजय मिश्रा, प्रफुल्ल मिश्रा, रानू विश्वकर्मा, सुनील विश्वकर्मा, विधा खरे और धनेन्द्र रजक शामिल हैं।
नोटिस में कहा गया है कि यदि तय समय में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो यह माना जाएगा कि संबंधित कर्मचारियों को कुछ नहीं कहना है और नियमानुसार एकतरफा कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं उनकी होगी।
