नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के मनरेगा बचाओ संघर्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह आंदोलन नहीं बल्कि भ्रष्टाचार बचाओ संघर्ष है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसलिए परेशान है क्योंकि अब भ्रष्टाचार के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं।
एक प्रेस वार्ता में चौहान ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति झूठ, भ्रम और गढ़े गए नैरेटिव पर आधारित रही है। कांग्रेस को ग्राम, काम और राम तीनों से समस्या है और यही उसकी राजनीतिक सोच को दर्शाता है। लोकसभा बहस का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सच्चाई सुनने का साहस नहीं है और संसद को संवाद के बजाय बाधित करने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए शासनकाल में मनरेगा ईमानदार रोजगार योजना न रहकर भ्रष्टाचार का केंद्र बन गई थी। मजदूरों के नाम पर ठेकेदारों से काम कराया गया, मशीनों से काम दिखाकर मजदूरी निकाली गई और एक ही सड़क को बार-बार नया बताकर दर्शाया गया। सामाजिक अंकेक्षण में ग्राम सभाओं के माध्यम से 10.91 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास पर अब तक 8.48 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि यूपीए काल में यह राशि मात्र 2 लाख करोड़ रुपये थी। इसके बावजूद उस समय स्थायी परिसंपत्तियां नहीं बन सकीं।
चौहान ने नई योजना विकसित भारत जी राम जी को मनरेगा से कहीं अधिक प्रभावी बताते हुए कहा कि इसमें 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी, बेरोजगारी भत्ता, भुगतान में देरी पर दंड और ग्राम पंचायतों को पूर्ण अधिकार दिए गए हैं। योजना के तहत 1.51 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कांग्रेस से भ्रम फैलाने के बजाय सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि विकसित गांव ही विकसित भारत की नींव हैं।
