नई दिल्ली | 06 जनवरी, 2026: ईरान में बढ़ती महंगाई और मुद्रा के गिरते मूल्य के कारण शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब एक हिंसक विद्रोह का रूप ले चुका है। पिछले दो हफ्तों से जारी इस संघर्ष में अब तक 4 बच्चों सहित कम से कम 35 लोगों की जान जा चुकी है। मानवाधिकार एजेंसियों के अनुसार, ईरान के 31 में से 27 प्रांतों में प्रदर्शन की आग फैल चुकी है, जहाँ सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधा टकराव हो रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि अब तक हजारों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है और सैकड़ों सुरक्षाकर्मी भी इस हिंसा में घायल हुए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संकट पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान को चेतावनी दी है कि यदि निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा नहीं रुकी, तो अमेरिका हस्तक्षेप करने से पीछे नहीं हटेगा। हालांकि ट्रंप ने हस्तक्षेप के स्वरूप (सैन्य या आर्थिक) को स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन ईरानी सरकार ने इसे अपने आंतरिक मामलों में दखल करार देते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है। इस वैश्विक तनाव ने पश्चिम एशिया में एक नए कूटनीतिक युद्ध की आहट दे दी है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक सुरक्षा पर असर पड़ने की संभावना है।
ईरान में बिगड़ते सुरक्षा हालातों को देखते हुए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों (PIO) के लिए एक ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। केंद्र सरकार ने भारतीयों को सलाह दी है कि वे फिलहाल ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें। जो भारतीय पहले से वहां मौजूद हैं, उन्हें प्रदर्शनों, रैलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने तथा स्थानीय दूतावास के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं। भारत सरकार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि जरूरत पड़ने पर अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

